अमेरिका के साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और सेमीकंडक्टर चिप तकनीक के क्षेत्र में बढ़ती वैश्विक प्रतिद्वंद्विता के बीच चीन ने एक बड़ा कदम उठाया है। चीन सरकार ने देश से बाहर जाने वाले प्रत्यक्ष निवेश और संवेदनशील तकनीकों के विदेशी ट्रांसफर को नियंत्रित करने के लिए बेहद कड़े नए नियमों को लागू कर दिया है। चीन के राज्य परिषद (State Council) द्वारा पहली बार जून की शुरुआत में घोषित किया गया यह व्यापक कानूनी ढांचा बुधवार, 1 जुलाई 2026 से आधिकारिक तौर पर प्रभावी हो गया है।
इन नए नियमों का मुख्य उद्देश्य चीन की तकनीकी क्षमताओं की रक्षा करना और वैश्विक स्तर पर पूंजी, तकनीक व मानव संसाधनों (विशेषज्ञों) के सीमा पार मूवमेंट पर कड़ी निगरानी रखना है।
राष्ट्रीय सुरक्षा के आधार पर होगी हर डील की समीक्षा
चीन के राज्य परिषद द्वारा जारी प्रावधानों के अनुसार, नए नियमों के तहत अब विदेशी निवेशों को चीन की “समग्र राष्ट्रीय सुरक्षा अवधारणा” (overall national security concept) के अनुरूप होना अनिवार्य होगा। इसके तहत चीनी अधिकारियों को उन सभी विदेशी निवेशों या तकनीकी ट्रांसफर की गहन राष्ट्रीय सुरक्षा समीक्षा (National Security Review) करने का व्यापक अधिकार मिल गया है जो देश के रणनीतिक और सुरक्षा हितों को प्रभावित कर सकते हैं।
नए नियमों का दायरा केवल वस्तुओं और डाटा के ट्रांसफर तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें सेवाओं को भी शामिल किया गया है। अब चीनी कंपनियों द्वारा विदेशी प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने या तकनीकी विशेषज्ञों को विदेशों में भेजने के लिए भी कड़ी मंजूरी प्रक्रिया से गुजरना होगा। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब चीन एआई, एडवांस चिप्स और क्लीन एनर्जी (हरित ऊर्जा) को अपनी अर्थव्यवस्था के लिए सबसे महत्वपूर्ण मान रहा है।
मेटा-मानस डील पर पहले ही लग चुकी है रोक
चीन और अमेरिका के बीच चल रही इस टेक प्रतिद्वंद्विता का असर हाल ही में देखने को मिला था। अप्रैल 2026 में चीन के आर्थिक योजना अधिकारियों ने फेसबुक की पैरेंट कंपनी ‘मेटा’ (Meta) द्वारा एआई स्टार्टअप ‘मानस’ (Manus) या ‘मानस’ (Manus) एआई की तरह अन्य तकनीकी प्रयासों के स्थान पर ‘मानस’ (Manus) नामक स्टार्टअप जैसी अन्य डील्स को सुरक्षा कारणों से नियंत्रित किया था। इसी तरह ‘मानस’ (Manus) के अधिग्रहण के प्रयास को पूरी तरह रोक दिया गया था। चीन ने इस ब्लॉक के पीछे रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण एआई तकनीक के विदेशी हाथों में ट्रांसफर होने की चिंताओं का हवाला दिया था।
गेवकल ड्रैगनॉमिक्स (Gavekal Dragonomics) के डिप्टी चाइना रिसर्च डायरेक्टर क्रिस्टोफर बेडडोर (Christopher Beddor) के अनुसार, इन नए नियमों का प्राथमिक लक्ष्य चीनी कंपनियां और देश के घरेलू निवेशक ही हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब चीनी कंपनियां अपनी विदेशी शाखाओं या ऑपरेशन्स का उपयोग बीजिंग की मंजूरी के बिना संवेदनशील स्वदेशी तकनीकों को देश से बाहर भेजने के माध्यम के रूप में नहीं कर सकेंगी।
यूरोप के लिए बढ़ेंगी मुश्किलें, अन्य देशों से साझेदारी की जरूरत
इन कड़े नियमों के दूरगामी प्रभाव वैश्विक स्तर पर देखे जा रहे हैं। नैटिक्सिस (Natixis) की एशिया-प्रशांत मुख्य अर्थशास्त्री एलिसिया गार्सिया-हेरेरो (Alicia Garcia-Herrero) ने चेतावनी दी है कि चीन के इस कड़े रुख से उन देशों के लिए बड़ी मुश्किलें खड़ी हो जाएंगी जो तकनीकी विकास के लिए चीनी एआई विशेषज्ञता पर निर्भर थे।
हेरेरो ने कहा, “यह कदम यूरोप के लिए बेहद निराशाजनक साबित होने वाला है। यदि कोई यह सोचता है कि हम भविष्य में चीन के ओपन-वेट एआई मॉडल्स पर निर्भर रह सकते हैं, तो वे पूरी तरह गलत हैं। अब यूरोप को चीन पर अपनी अत्यधिक निर्भरता को कम करने के लिए दक्षिण कोरिया और जापान जैसे देशों के साथ रणनीतिक साझेदारी विकसित करनी होगी।”
आंकड़ों के अनुसार, साल 2026 के शुरुआती चार महीनों में ही चीन का आउटबाउंड प्रत्यक्ष निवेश (Outbound Direct Investment) वार्षिक आधार पर 3.9 प्रतिशत बढ़कर 429.42 बिलियन युआन (लगभग 63.4 बिलियन डॉलर) तक पहुंच गया था। चीन में अमेरिकन चैंबर ऑफ कॉमर्स के चेयरमैन जेम्स ज़िमरमैन (James Zimmerman) ने कहा कि वैश्विक स्तर पर काम कर रहीं कंपनियां इन नए नियमों के क्रियान्वयन और उनके व्यावहारिक प्रभावों पर लगातार अपनी नजरें बनाए हुए हैं।
FAQ:
प्रश्न 1: चीन सरकार द्वारा विदेशी निवेश और तकनीकी ट्रांसफर को लेकर जारी नए नियम कब से प्रभावी हुए हैं?
उत्तर: चीन के राज्य परिषद (State Council) द्वारा पहली बार जून की शुरुआत में घोषित किए गए ये नए कड़े नियम बुधवार, 1 जुलाई 2026 से आधिकारिक तौर पर लागू हो गए हैं।
प्रश्न 2: नए नियमों के तहत चीनी अधिकारियों को कौन-कौन से अतिरिक्त अधिकार दिए गए हैं?
उत्तर: नए नियमों के तहत चीनी अधिकारियों को उन सभी विदेशी निवेशों या तकनीकी ट्रांसफर की राष्ट्रीय सुरक्षा समीक्षा (National Security Review) करने का व्यापक अधिकार मिला है जो चीन के हितों को प्रभावित कर सकते हैं। इसके अलावा, अब तकनीकी विशेषज्ञों को विदेशों में भेजने या तकनीकी प्रशिक्षण देने जैसे सर्विस ट्रांसफर के लिए भी कड़े नियम लागू किए गए हैं।
प्रश्न 3: एआई और सेमीकंडक्टर को लेकर पूर्व में चीन ने फेसबुक की किस डील पर रोक लगाई थी?
उत्तर: अप्रैल 2026 में चीन के योजना अधिकारियों ने एआई तकनीक के विदेशी ट्रांसफर की चिंताओं का हवाला देते हुए फेसबुक की पैरेंट कंपनी ‘मेटा’ द्वारा एआई स्टार्टअप ‘मानस’ (Manus) के अधिग्रहण की कोशिश को पूरी तरह से ब्लॉक कर दिया था।

