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Join NowAmarnath Yatra : “बम-बम भोले” के जयकारों के साथ अगर आप भी इस साल ‘बाबा बर्फानी’ के दर्शन की प्लानिंग कर रहे हैं, तो आपके लिए एक बहुत बड़ी और अच्छी खबर है। गर्मियों की शुरुआत के साथ ही हर शिव भक्त को अमरनाथ यात्रा का इंतजार रहता है। जो लोग महीनों से इस पवित्र यात्रा के शुरू होने की राह देख रहे थे, अब उनका इंतजार खत्म होने वाला है।
श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड (SASB) ने 2026 की यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन की तारीखों का ऐलान कर दिया है। 15 अप्रैल 2026 से रजिस्ट्रेशन शुरू हो रहे हैं। अगर आप पहली बार जा रहे हैं या पहले भी बाबा के दरबार में जा चुके हैं, तो चलिए मैं आपको बिल्कुल एक दोस्त की तरह आसान भाषा में बताता हूं कि इस बार रजिस्ट्रेशन का प्रोसेस क्या है, कौन-कौन से डॉक्यूमेंट्स लगेंगे और आपको किन-किन बातों का खास ध्यान रखना है।
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क्या हैं अमरनाथ यात्रा 2026 की डेट्स?
सबसे पहले तो ये जान लीजिए कि इस साल यात्रा कब से कब तक चलेगी। ताज़ा जानकारी के अनुसार, 2026 की अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई से शुरू होकर 28 अगस्त (रक्षाबंधन के दिन) तक चलेगी। यानी भक्तों को शिव लिंगम के दर्शन के लिए कुल 57 दिन का समय मिलेगा। अगर आप अपने परिवार या दोस्तों के साथ जाने का सोच रहे हैं, तो अभी से अपनी छुट्टियां, ट्रेन या फ्लाइट की टिकट प्लान कर लीजिए।
किसे मिलेगी परमिशन और किसे नहीं? (उम्र सीमा)
बाबा के दरबार में हाजिरी लगाने का मन तो सबका करता है, लेकिन यह यात्रा ऊंचे-ऊंचे पहाड़ों और बेहद ठंडे इलाकों से होकर गुजरती है। इसलिए यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए श्राइन बोर्ड ने कुछ सख्त नियम बनाए हैं:
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आपकी उम्र 13 साल से कम नहीं होनी चाहिए और 70 साल से ज्यादा नहीं होनी चाहिए।
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अगर कोई महिला 6 हफ्ते या उससे ज्यादा की गर्भवती (Pregnant) है, तो उन्हें इस कठिन यात्रा की अनुमति नहीं दी जाएगी।
सबसे जरूरी डॉक्यूमेंट: हेल्थ सर्टिफिकेट (CHC)
अमरनाथ यात्रा का रास्ता थोड़ा दुर्गम होता है, इसलिए आपका शारीरिक रूप से फिट होना बहुत जरूरी है। रजिस्ट्रेशन के लिए आपको एक ‘कम्पलसरी हेल्थ सर्टिफिकेट’ (Compulsory Health Certificate – CHC) बनवाना ही होगा।
ध्यान रहे, यह सर्टिफिकेट किसी भी आम डॉक्टर से नहीं, बल्कि श्राइन बोर्ड द्वारा मान्यता प्राप्त सरकारी अस्पतालों या अथॉराइज्ड डॉक्टरों से ही बनवाना होगा। और सबसे खास बात— यह सर्टिफिकेट 8 अप्रैल 2026 के बाद का ही बना होना चाहिए, उससे पुराना सर्टिफिकेट नहीं चलेगा।
रजिस्ट्रेशन कैसे करें? (ऑनलाइन और ऑफलाइन प्रोसेस)
रजिस्ट्रेशन के लिए आपके पास दो आसान ऑप्शन हैं। आप अपनी सुविधा के हिसाब से कोई भी तरीका चुन सकते हैं:
1. ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन (घर बैठे):
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सबसे पहले श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाएं।
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वहां ‘Online Registration’ वाले लिंक पर क्लिक करें।
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अपनी सारी जानकारी (नाम, पता, उम्र, मोबाइल नंबर आदि) भरें। आपके फोन पर एक ओटीपी (OTP) आएगा, उसे डालकर अपना नंबर वेरिफाई करें।
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अपना हेल्थ सर्टिफिकेट (CHC), आधार कार्ड (Aadhaar Card) और एक साफ पासपोर्ट साइज फोटो स्कैन करके अपलोड करें।
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इसके बाद ऑनलाइन पेमेंट के जरिए फीस जमा करें और अपना यात्रा परमिट (Yatra Permit) डाउनलोड कर लें।
2. ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन (बैंक के जरिए):
अगर आप इंटरनेट का ज्यादा इस्तेमाल नहीं करते, तो टेंशन लेने की कोई बात नहीं है।
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आप अपने नजदीकी पंजाब नेशनल बैंक (PNB), यस बैंक (Yes Bank), एसबीआई (SBI) या एक्सिस बैंक की तय की गई शाखाओं (Branches) में जा सकते हैं।
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अपने साथ अपना आधार कार्ड, 8 अप्रैल के बाद बना ओरिजिनल हेल्थ सर्टिफिकेट और कुछ पासपोर्ट साइज फोटो जरूर ले जाएं।
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बैंक में आपको एक फॉर्म भरना होगा। वहां आपका ‘ई-केवाईसी’ (eKYC) यानी बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन भी होगा, जिसके बाद आपको हाथों-हाथ आपका यात्रा परमिट मिल जाएगा।
रजिस्ट्रेशन फीस और दो प्रमुख रास्ते
चाहे आप ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करें या ऑफलाइन, प्रति व्यक्ति रजिस्ट्रेशन फीस मात्र 150 रुपये रखी गई है।
यात्रा के लिए मुख्य रूप से दो रूट (रास्ते) होते हैं—
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पहला ‘पहलगाम’ (Pahalgam) रूट, जो करीब 48 किलोमीटर लंबा है लेकिन इसकी चढ़ाई थोड़ी आसान है। इसे पारंपरिक रास्ता भी कहा जाता है।
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दूसरा ‘बालटाल’ (Baltal) रूट, जो सिर्फ 14 किलोमीटर का है, लेकिन इसकी चढ़ाई काफी खड़ी और मुश्किल है। आप फॉर्म भरते समय अपनी फिटनेस के हिसाब से अपना रूट चुन सकते हैं।
यात्रा के लिए कैसे करें तैयारी? (कुछ काम के टिप्स)
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आरएफआईडी (RFID) कार्ड: इस बार सुरक्षा को और मजबूत किया गया है। यात्रा पर जाने से पहले बेस कैंप में आपको एक RFID कार्ड मिलेगा। इसे आपको गले में पहनकर रखना होगा ताकि श्राइन बोर्ड को आपकी लोकेशन पता रहे।
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फिटनेस पर दें ध्यान: आज से ही सुबह-शाम कम से कम 4-5 किलोमीटर पैदल चलने की आदत डालें, ताकि पहाड़ों पर चढ़ते वक्त आपका स्टैमिना बना रहे और सांस न फूले।
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पैकिंग: पहाड़ों का मौसम हर घंटे बदलता है। अपने बैग में गर्म कपड़े, एक अच्छी क्वालिटी का रेनकोट और मजबूत ग्रिप वाले ट्रैकिंग शूज (Trekking Shoes) जरूर रखें।
दोस्तों, अगर आप भी इस साल बर्फानी बाबा के दर्शन करना चाहते हैं, तो आखिरी मिनट की भागदौड़ और सर्वर डाउन होने की समस्या से बचने के लिए 15 अप्रैल को ही अपना रजिस्ट्रेशन करवा लें। अपनी सेहत का ध्यान रखें और पूरी तैयारी के साथ इस पवित्र यात्रा का आनंद लें। जय भोलेनाथ…













