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Join NowUP Weather Update: उत्तर प्रदेश में मार्च के महीने में ही जेठ जैसी तपती धूप झेल रहे लोगों के लिए एक बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। अगर आप सोच रहे थे कि अब गर्मी से राहत नहीं मिलेगी, तो कुदरत का मिजाज पूरी तरह बदलने वाला है। मौसम विभाग (IMD) ने उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों के लिए भारी बारिश, आंधी और बिजली गिरने की गंभीर चेतावनी जारी की है। अगले दो दिन यूपी के कई जिलों के लिए काफी चुनौतीपूर्ण साबित हो सकते हैं।
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धूल भरी आंधी और आसमानी बिजली का खतरा
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, मार्च के आखिरी दिनों में उत्तर प्रदेश के वायुमंडल में एक बड़ा बदलाव देखा जा रहा है। चेतावनी दी गई है कि अगले 48 घंटों के दौरान प्रदेश के कई जिलों में 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की तूफानी रफ्तार से धूल भरी आंधी चल सकती है। इतना ही नहीं, कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली (Lightning) गिरने की भी प्रबल आशंका जताई गई है। प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने और खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है।
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पश्चिमी यूपी में दिखेगा ‘कुदरत का रौद्र रूप’
इस मौसमी बदलाव का सबसे ज्यादा और सबसे पहले असर पश्चिमी उत्तर प्रदेश में देखने को मिलेगा। दिल्ली से सटे नोएडा, गाजियाबाद, मेरठ, सहारनपुर और बागपत जैसे जिलों में आज सुबह से ही आसमान में बादलों का डेरा है। ठंडी हवाओं ने दस्तक दे दी है। मौसम विभाग का कहना है कि बारिश का यह सिलसिला पश्चिमी यूपी से शुरू होकर धीरे-धीरे पूर्वी उत्तर प्रदेश की ओर बढ़ेगा, जिससे पूरे प्रदेश के तापमान में भारी उलटफेर होने वाला है।
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मार्च में लौटेगी ‘गुलाबी ठंड’, 5 डिग्री तक गिरेगा पारा
31 मार्च तक होने वाली इस अनपेक्षित बारिश के कारण लोगों को तपती गर्मी से बड़ी राहत मिलेगी। अनुमान है कि प्रदेश के अधिकतम तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की जाएगी। मार्च के अंतिम दिनों में एक बार फिर से लोगों को ‘गुलाबी ठंड’ का अहसास हो सकता है। हालांकि, आंधी-तूफान की तीव्रता को देखते हुए मौसम विभाग ने सख्त हिदायत दी है कि लोग पेड़ों के नीचे खड़े न हों और बिजली के खंभों से उचित दूरी बनाए रखें।
3 अप्रैल से फिर बदलेगा मौसम: किसानों की बढ़ी चिंता
राहत की बात यह है कि बारिश का यह दौर केवल मार्च के अंत तक ही नहीं थमेगा। IMD के ताजा बुलेटिन के अनुसार, 3 अप्रैल से एक और नया पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) सक्रिय होने जा रहा है। इसके प्रभाव से अप्रैल के पहले हफ्ते में भी रुक-रुक कर बारिश होने के आसार हैं। बार-बार बदलते इस मौसम ने जहां आम जनता को गर्मी से सुकून दिया है, वहीं खेतों में खड़ी फसलों को लेकर किसानों की चिंता बढ़ा दी है। ओलावृष्टि और तेज हवाएं पकी हुई फसलों को नुकसान पहुंचा सकती हैं।










