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Join NowCough and Cold Remedies: सर्दियों का मौसम अपने साथ कड़ाके की ठंड ही नहीं, बल्कि खांसी, जुकाम और गले की खराश जैसी समस्याएं भी लेकर आता है। ऐसे में हमारे समाज में एक ‘देसी नुस्खा’ बहुत मशहूर है. “थोड़ी सी ब्रांडी या रम पी लो, ठंड भाग जाएगी और गला साफ हो जाएगा।” अक्सर घर के बड़े-बुजुर्ग या दोस्त सर्दी लगने पर ब्रांडी पीने की सलाह देते हैं। लेकिन क्या विज्ञान और डॉक्टर इस बात का समर्थन करते हैं? हाल ही में स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने इस धारणा को पूरी तरह से नकारते हुए इसके पीछे के खतरों से आगाह किया है।
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ब्रांडी कोई दवा नहीं, सिर्फ एक भ्रम है (Brandy is Not a Cure)
अक्सर माना जाता है कि ब्रांडी या रम शरीर में गर्मी पैदा करती है, जिससे जुकाम में राहत मिलती है। डॉक्टर बताते हैं कि शराब (Alcohol) पीने से रक्त वाहिकाएं (Blood Vessels) फैल जाती हैं, जिससे त्वचा की सतह पर खून का बहाव बढ़ता है और हमें कुछ समय के लिए ‘गर्माहट’ का अहसास होता है।
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लेकिन यह गर्माहट केवल सतही होती है। वास्तव में, यह शरीर के अंदरूनी तापमान को कम कर सकती है और आपकी इम्युनिटी (Immunity) यानी रोग प्रतिरोधक क्षमता को कमजोर बना देती है। अगर आप वायरल इन्फेक्शन से जूझ रहे हैं, तो शराब शरीर को हाइड्रेट करने के बजाय डिहाइड्रेट (पानी की कमी) कर सकती है, जिससे रिकवरी और भी धीमी हो जाती है।
बच्चों के लिए जानलेवा साबित हो सकती है ब्रांडी (Danger for Children)
हमारे देश में कई जगहों पर बच्चों को भी खांसी होने पर एक चम्मच ब्रांडी पिलाने की गलत परंपरा रही है। प्रसिद्ध स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ. रवि मलिक ने इस पर कड़ी चेतावनी दी है। उनके अनुसार, बच्चों के नाजुक शरीर के लिए ब्रांडी किसी जहर से कम नहीं है।
बच्चों को ब्रांडी देने से उनके शरीर में ब्लड ग्लूकोज (Blood Glucose) का स्तर अचानक गिर सकता है, जिसे ‘हाइपोग्लाइसीमिया’ कहते हैं। इसके कारण बच्चे को दौरे (Seizures) पड़ सकते हैं। इतना ही नहीं, यह बच्चे के दिमाग के विकास पर बुरा असर डालती है और सांस से जुड़ी गंभीर समस्याएं पैदा कर सकती है।
गले की खराश और सुन्न करने वाला असर
कुछ लोग तर्क देते हैं कि शहद और नींबू के साथ ब्रांडी लेने से गला ठीक हो जाता है। सच तो यह है कि अल्कोहल में हल्का ‘एनेस्थेटिक’ यानी सुन्न करने वाला प्रभाव होता है, जिससे गले की खराश में थोड़ी देर के लिए आराम महसूस होता है। लेकिन यह सिर्फ लक्षणों को दबाना है, इन्फेक्शन को खत्म करना नहीं।
तो फिर क्या है सही इलाज? (Safe Alternatives for Winter Cold)
डॉक्टरों का मानना है कि खांसी-जुकाम में शराब की जगह हर्बल चाय (Herbal Tea) या काढ़ा कहीं ज्यादा असरदार होता है। रिसर्च के अनुसार:
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हाइड्रेशन: शरीर को हाइड्रेट रखने के लिए खूब सारा गुनगुना पानी पिएं।
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हर्बल ड्रिंक्स: अदरक, तुलसी और काली मिर्च वाली चाय बलगम को ढीला करने और गले को राहत देने में मदद करती है।
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भाप लेना (Steam Inhalation): बंद नाक और छाती की जकड़न के लिए भाप लेना सबसे सुरक्षित तरीका है।
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आराम (Rest): शरीर को वायरल से लड़ने के लिए भरपूर आराम की जरूरत होती है।
सर्दियों में ब्रांडी या रम को दवा के रूप में इस्तेमाल करना न केवल वैज्ञानिक रूप से गलत है, बल्कि यह सेहत के लिए खतरनाक भी हो सकता है। विशेष रूप से बच्चों के मामले में यह लापरवाही भारी पड़ सकती है। इसलिए अगली बार जब कोई आपको जुकाम में ‘एक पेग’ की सलाह दे, तो अपनी सेहत को प्राथमिकता दें और डॉक्टर से परामर्श लें।
















