Kolkata Ram Navami Rally

Kolkata Ram Navami Rally: बंगाल में रामनवमी रैली को HC की हरी झंडी, पुलिस के ऐतराज पर कोर्ट का फैसला क्यों अहम?

Kolkata Ram Navami Rally: पश्चिम बंगाल में रामनवमी रैली को लेकर बड़ा विवाद था। हावड़ा पुलिस ने अंजनी पुत्र सेना को जुलूस निकालने की अनुमति देने से इनकार कर दिया था, लेकिन अब कोलकाता हाई कोर्ट ने इस फैसले को पलटते हुए शांतिपूर्ण रैली की अनुमति दे दी है। हालांकि, कोर्ट ने इसके लिए कड़ी शर्तें भी लागू की हैं, ताकि किसी भी तरह की अशांति या हिंसा को रोका जा सके।

आइए, जानते हैं कि पुलिस इस रैली के खिलाफ क्यों थी, हाई कोर्ट ने क्या कहा, और इस फैसले का राजनीतिक असर क्या हो सकता है।


हाई कोर्ट का फैसला: राम भक्तों को रैली की अनुमति

🔹 कोलकाता हाई कोर्ट ने अंजनी पुत्र सेना को हावड़ा में रामनवमी रैली निकालने की अनुमति दी।
🔹 पुलिस के ऐतराज के बावजूद कोर्ट ने कहा कि रैली को उसके पुराने रास्ते पर ही निकालने दिया जाएगा।
🔹 कोर्ट ने यह भी आदेश दिया कि रैली शांतिपूर्ण होनी चाहिए और कोई हिंसा नहीं होनी चाहिए।
🔹 इस फैसले के बाद राम भक्तों में उत्साह, जबकि सरकार और पुलिस में चिंता है।


पुलिस को क्यों था ऐतराज?

हावड़ा पुलिस ने पहले रैली को मंजूरी देने से इनकार कर दिया था। इसके पीछे कुछ अहम कारण थे –

पिछले साल हिंसा:
साल 2023 और 2024 में रामनवमी जुलूस के दौरान हिंसा हुई थी। इसके बाद NIA (राष्ट्रीय जांच एजेंसी) को जांच सौंपी गई थी। पुलिस को डर था कि इस बार भी हिंसा भड़क सकती है।

शांति व्यवस्था बनाए रखने की चुनौती:
पुलिस का कहना था कि इस तरह के बड़े धार्मिक जुलूसों में कानून-व्यवस्था बनाए रखना मुश्किल हो सकता है।

राजनीतिक तनाव:
राज्य में BJP और TMC के बीच पहले से ही टकराव है। पुलिस को लगता था कि यह रैली राजनीतिक रूप से भड़काऊ साबित हो सकती है।


हाई कोर्ट की सख्त शर्तें

हालांकि कोर्ट ने रैली की अनुमति दी, लेकिन इसके साथ कई सख्त शर्तें लगाई गई हैं –

शांतिपूर्ण माहौल:जुलूस पूरी तरह से शांतिपूर्ण होना चाहिए, किसी भी तरह की हिंसा बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

हथियारों पर रोक:लाठी, तलवार, या अन्य हथियार ले जाने की मनाही होगी। सिर्फ झंडे और प्लास्टिक की गदा की अनुमति होगी।

पुलिस की निगरानी:पुलिस को रैली के आगे और पीछे निगरानी वाहन लगाने होंगे, ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे।

समय सीमा:रैली सुबह 8:30 बजे से दोपहर 12 बजे तक ही समाप्त होनी चाहिए।

भाग लेने वालों की पहचान:  500 प्रतिभागियों को अपने आधार और पैन कार्ड की फोटोकॉपी हावड़ा पुलिस उपायुक्त के पास बुधवार तक जमा करनी होगी।


VHP को भी मिली रैली की अनुमति

विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने भी अपनी अलग राम नवमी रैली के लिए कोर्ट से अनुमति मांगी थी।

🔹 कोर्ट ने VHP को दोपहर 3 बजे से शाम 6 बजे तक रैली निकालने की अनुमति दी।
🔹 रैली का रूट: बीई कॉलेज गेट नंबर 1 से मलिक गेट के माध्यम से रामकृष्णपुर घाट तक।
🔹 VHP की रैली पर भी वही प्रतिबंध लागू होंगे, जो अंजनी पुत्र सेना की रैली पर लागू किए गए हैं।


राजनीतिक प्रतिक्रियाएं

गिरिराज सिंह: “यह आस्था की जीत है!”

BJP सांसद गिरिराज सिंह ने हाई कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हुए इसे हिंदुओं की आस्था की जीत बताया।

उन्होंने ट्वीट किया –
“माननीय हाई कोर्ट ने हमारे धार्मिक अधिकारों और विश्वासों की रक्षा की है और ममता बनर्जी द्वारा रची गई तालिबानी साजिश को नाकाम कर दिया है।”

ममता बनर्जी: “त्योहारों को समावेशी बनाएं”

वहीं, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने BJP पर निशाना साधते हुए कहा कि त्योहारों को राजनीति से दूर रखना चाहिए।

🔹 उन्होंने कहा –
“मैं किसी भी धर्म के खिलाफ नहीं हूं, लेकिन त्योहारों के नाम पर हिंसा बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”
🔹 साथ ही उन्होंने जनता से शांति बनाए रखने की अपील की और BJP पर दंगा भड़काने का आरोप लगाया।


आगे क्या होगा?

🔸 रैली का आयोजन होगा, लेकिन कड़ी पुलिस निगरानी में।
🔸 कोर्ट के आदेश का पालन नहीं हुआ तो कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
🔸 राजनीतिक दल इस मुद्दे को आगे भी भुनाने की कोशिश करेंगे।
🔸 BJP इस फैसले को अपनी जीत मानकर प्रचार करेगी, जबकि TMC इसे कानून-व्यवस्था के लिए चुनौती मानेगी।

पश्चिम बंगाल में रामनवमी रैली को लेकर हाई कोर्ट का फैसला आस्था और कानून के बीच संतुलन बनाने वाला है।

हिंदू संगठनों को अपनी धार्मिक स्वतंत्रता मिली है।
पुलिस को कानून-व्यवस्था बनाए रखने की चुनौती रहेगी।
राजनीतिक दल इसे अपने-अपने तरीके से भुनाने की कोशिश करेंगे।