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एक साथ दो डिग्री लेने वाले बच्चों के लिए UGC की नई गाईडलाइंस 

 

 

डेस्क। विश्वविद्यालय अनुदायन आयोग (UGC ) ने देश भर के केंद्रीय विश्वविद्यालयों, राज्य विश्वविद्यालयों और निजी विश्वविद्यालयों से एक बार फिर से कहा है कि वे स्टूडेंट्स को एक साथ दो एकेडेमिक कोर्सेस में दाखिले की प्रक्रिया को सहज कर बनाएं रखें।

आयोग के सचिव पी. के. ठाकुर की तरफ से देश के सभी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों को लिखे पत्र में यह कहा गया है कि कई उच्च शिक्षा संस्थानों द्वारा माइग्रेशन सर्टिफिकेट / स्कूल लिविंग सर्टिफिकेट को दाखिले के लिए जमा कराने के अनिवार्यता को लागू किए जाने की जानकारी मिल रही है, वहीं जिसके कारण स्टूडेंट्स एकसाथ दो प्रोग्राम में एडमिशन नहीं ले पा रहे हैं। वहीं इन परिस्थितियों में यूजीसी ने संस्थानों से कहा है कि वे ऐसे मेकेनिज्म बनाएं जिनसे स्टूडेंट्स एकसाथ दो एकेडेमिक कोर्स भी कर सकें।

आपको बता दें कि इससे पहले यूजीसी ने उच्च शिक्षा संस्थानों में छात्र-छात्राओं को एकसाथ दो शैक्षणिक पाठ्यक्रमों को करने को लेकर जरूरी दिशा-निर्देश 13 अप्रैल 2022 को जारी भी किए थे। वहीं इस कड़ी में आयोग ने 30 सितंबर 2022 को इन संस्थानों को लिखे एक पत्र के माध्यम से इस सम्बन्ध में सुझाव आमंत्रित भी किए थे जिससे छात्र दो पाठ्यक्रम एक साथ करने में भी सुविधा होनी चाहिए।

 वहीं एक साथ दो कोर्सेस पर यूजीसी के ये हैं दिशा-निर्देश

बता दें एक छात्र दो शैक्षणिक कार्यक्रमों, एक फुलटाइम फिजिकल मोड में और दूसरा ओपन एंड डिस्टेंस लर्निंग (ओडीएल), ऑनलाइन मोड, या दो ओडीएल और ऑनलाइन कार्यक्रमों को भी कर सकता है।

वहीं इस दोहरी-डिग्री शैक्षणिक कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों को कई तरह से सुविधाएं भी प्रदान करना है ताकि वे औपचारिक और गैर-औपचारिक दोनों प्रकार की शिक्षा एक साथ में प्राप्त कर सकें।

इसी कड़ी में उम्मीदवार इस शर्त पर दोहरी डिग्री प्रोग्राम भी कर सकते हैं कि दोनों की क्लास-टाइमिंग ओवरलैप तो नहीं होती है।

यह सुविधा डॉक्टरेट (पीएचडी) की डिग्री प्राप्त करने वाले छात्रों पर लागू भी नहीं होता है।

साथ ही व्यावसायिक और शैक्षणिक पाठ्यक्रमों के लर्निंग और एक्स्ट्रा कैरिकुलर एक्टिविटीज में कोई अत्यधिक अंतर भी नहीं होना चाहिए।

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