Friday, December 9, 2022

क्यों नीतीश पर इतना मेहरबान हुए है लालू के लाल

राजनीति– बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। अब बिहार में बीजेपी की सरकार नही है बल्कि अब नीतीश कुमार तेजस्वी के हितैषी हो गए हैं। वह अब तेजस्वी का गुणगान गाते दिखाई दे रहे हैं। वही तेजस्वी यादव नीतीश की बार बार पार्टी बदलने की नीति को जानते हुए उनपर आंख मूंद कर विश्वास कर रहे हैं।

तेजस्वी यादव का नीतीश कुमार पर यह अटुट विश्वास कई संकेत दे रहा है। वही लालू प्रसाद यादव का अगर हम पुराना वाक्य याद करे जो उन्होंने दिल्ली में राष्ट्रीय जनता दल की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की हुई बैठक में कहा वह साफ बता रहा है कि अब तेजस्वी लालू के उत्तराधिकारी है और बिहार की राजनीति में उन्हें खुद को स्थापित करना है।

लालू प्रसाद यादव ने कहा था कि अब (आरजेडी) पार्टी के नीतिगत मामलों में केवल तेजस्वी यादव ही बोलेंगे उनके इस बयान से साफ हो गया कि वही लालू के उत्तराधिकारी है। लालू का यह निर्णय सभी को उचित लगा क्योंकि अब लालू प्रसाद यादव की उम्र काम करने की नहीं है और पहले की अपेक्षा अब राजनीतिक परिदृश्य काफी परिवर्तित हो गया है।

हालाकि राजनीतिक गलियारों में यह सुगबुगाहट खूब हुई की एक बार पुनः आरजेडी ने पारिवारिक दांव खेल दिया और पार्टी को पीछे छोड़कर अपने परिवार का हित देखा। लेकिन लालू के इस फैसले से कही न कही परिवार में कलह पुनः पैदा हुई है। परिवार के लोग भले ही साफ तौर पर नही बोल रहे हैं लेकिन उनका व्यवहार साफ बता रहा है कि वह लालू प्रसाद के इस फैसले से प्रसन्न नहीं है। इसका उदाहरण आप तेज प्रताप के रुख से समझ सकते हैं जब वह बैठक से निकले तो उनके मुख पर एक गुस्से की लाली झलक रही थी।

तेजस्वी का नीतीश प्यार-

राजनीति के जानकारो का मानना है तेजस्वी यादव ऐसे ही किसी के सामने नतमस्तक नही हो सकते अगर उन्होंने नीतीश कुमार को आगे किया है और उनका नीतीश पर प्यार बरस रहा है। तो उसके पीछे कोई न कोई बड़ी वजह जरूर होगी। हालाकि कई लोग यह भी कह रहे हैं कि नीतीश कुमार के सामने तेजस्वी यादव ने आत्मसमर्पण कर दिया है।

लोगो का कहना है कि आज भले ही सरकार आरजेडी और जदयू की बनी है। लेकिन निर्णय लेने का अधिकार अभी भी नीतीश कुमार के पास है। आरजेडी के पास 80 विधायक हैं और नीतीश कुमार के 43 विधायक हैं। दोनो ने मिलकर सरकार बनाई है। नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री का पद मिला और वित्त व गृह विभाग भी इन्ही के खेमे में रहा है। जो स्प्ष्ट बता रहा है कि तेजस्वी ने सरकार बनाने के लिए कही न कही अपने हथियार डाल दिये हैं।

वही कई लोगो का कहना है कि तेजस्वी यादव ने नीतीश के साथ गठबंधन करके बड़ा दाव खेला है। आगामी समय मे बिहार को अगर कोई संभालेगा तो वह तेजस्वी यादव होगे। क्योंकि नीतीश कुमार अब अपने पैर बिहार की राजनीति से बाहर पसारने का इरादा कर चुके हैं।

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