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Join NowIndia Luxury Housing : सपनों का आशियाना अब सिर्फ एक छत नहीं, बल्कि शान-ओ-शौकत का प्रतीक बनता जा रहा है। अगर आप भी सोच रहे हैं कि आज के दौर में लोग छोटे और किफायती घरों की तलाश में हैं, तो आप बिल्कुल गलत हैं। भारत के रियल एस्टेट बाजार (Real Estate Market) में एक बहुत बड़ा बदलाव आया है। अब लोग ‘माचिस की डिब्बी’ जैसे छोटे कमरों में नहीं, बल्कि महलों जैसे बड़े अपार्टमेंट्स में रहना पसंद कर रहे हैं।
हाल ही में आई एनरॉक (Anarock) की एक चौंकाने वाली रिपोर्ट ने इस बात की पुष्टि कर दी है कि पिछले दो सालों में भारत के टॉप 7 शहरों में घरों का औसत आकार (Average Flat Size) 17% तक बढ़ गया है। साल 2023 में जहाँ एक औसत अपार्टमेंट 1,420 वर्ग फुट का होता था, वहीं 2025 में यह बढ़कर 1,676 वर्ग फुट हो गया है। आखिर क्यों हो रहा है ऐसा? और आपके शहर में क्या हाल है? आइए विस्तार से समझते हैं।
NCR: जहाँ ‘घर’ नहीं ‘महल’ बन रहे हैं!
अगर बड़े घरों की बात हो और दिल्ली-एनसीआर (Delhi-NCR) का नाम न आए, ऐसा हो नहीं सकता। रिपोर्ट के अनुसार, एनसीआर में घरों के साइज में सबसे ज्यादा यानी 30% की ऐतिहासिक बढ़त दर्ज की गई है। 2023 में यहाँ घरों का औसत आकार 1,890 वर्ग फुट था, जो अब 2025 में बढ़कर 2,466 वर्ग फुट हो गया है।
इसकी सबसे बड़ी वजह है—लक्जरी हाउसिंग (Luxury Housing) की बढ़ती डिमांड। चौंकाने वाली बात यह है कि एनसीआर में लॉन्च होने वाले नए प्रोजेक्ट्स में 80% हिस्सेदारी सिर्फ लक्जरी सेगमेंट की है। लोग अब जिम, स्विमिंग पूल और क्लब हाउस जैसी वर्ल्ड-क्लास सुविधाओं के साथ बड़े घर चाहते हैं।
दक्षिण भारत का दबदबा: चेन्नई, बेंगलुरु और हैदराबाद
सिर्फ उत्तर भारत ही नहीं, बल्कि दक्षिण भारत के शहरों में भी ‘बड़े घरों’ का क्रेज सिर चढ़कर बोल रहा है।
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चेन्नई: यहाँ पिछले दो सालों में फ्लैट के साइज में 24% का उछाल आया है। अब यहाँ औसत घर 1,561 वर्ग फुट के हो गए हैं।
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बेंगलुरु: आईटी सिटी में भी जगह की कमी नहीं रही! यहाँ दो सालों में औसत साइज 21% बढ़ा है और अब यह 1,790 वर्ग फुट तक पहुँच गया है।
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हैदराबाद: यहाँ की कहानी सबसे दिलचस्प है। 2024 से 2025 के बीच हैदराबाद इकलौता ऐसा शहर रहा जिसने एक ही साल में 24% की ‘डबल डिजिट’ ग्रोथ दिखाई। यहाँ औसत फ्लैट अब 2,600 वर्ग फुट से भी बड़े हो रहे हैं।
मुंबई (MMR): जगह कम, पर चाहत बड़ी!
मुंबई (Mumbai Metropolitan Region) हमेशा से अपनी जगह की कमी और ऊँची कीमतों के लिए जाना जाता है। एनरॉक के विश्लेषण के मुताबिक, टॉप 7 शहरों में आज भी मुंबई में फ्लैट का साइज सबसे छोटा है, जो 2025 में 904 वर्ग फुट दर्ज किया गया। लेकिन, बदलाव यहाँ भी दिख रहा है! 2023 के मुकाबले मुंबई में भी घरों का साइज 12% बढ़ा है, जो दिखाता है कि मुंबईकर भी अब थोड़े बड़े स्पेस के लिए ज्यादा पैसे खर्च करने को तैयार हैं।
पुणे: एक अनोखा अपवाद
जहाँ पूरे देश में घरों के साइज बढ़ रहे हैं, वहीं पुणे ने सबको हैरान कर दिया है। पिछले दो सालों में यहाँ सिर्फ 5% की बढ़त हुई, लेकिन पिछले एक साल (2024-2025) में पुणे इकलौता ऐसा शहर रहा जहाँ औसत फ्लैट साइज में 1% की गिरावट देखी गई। यह निवेशकों के लिए एक महत्वपूर्ण संकेत हो सकता है।
क्यों बढ़ रहा है लक्जरी का क्रेज?
रियल एस्टेट विशेषज्ञों का मानना है कि कोरोना महामारी के बाद लोगों की प्राथमिकताएं बदल गई हैं। अब ‘वर्क फ्रॉम होम’ और ‘हाइब्रिड वर्क’ कल्चर की वजह से लोग घर के अंदर एक ऑफिस स्पेस, बच्चों के लिए अलग कमरा और खुली बालकनी चाहते हैं। यही कारण है कि लक्जरी रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट आज के समय में सबसे सुरक्षित और मुनाफे वाला सौदा माना जा रहा है। अगर आप भी 2025 में घर खरीदने का प्लान बना रहे हैं, तो बड़े साइज और बेहतर सुविधाओं वाले प्रोजेक्ट्स पर नजर रखें, क्योंकि भविष्य इन्ही ‘बड़े घरों’ का है।










