Digital Census 2027: घर बैठे जनगणना का नया तरीका देख हैरान रह जाएंगे आप, जानिए पूरी सच्चाई

Published On: April 10, 2026
Follow Us
Digital Census 2027: घर बैठे जनगणना का नया तरीका देख हैरान रह जाएंगे आप, जानिए पूरी सच्चाई

Join WhatsApp

Join Now

Digital Census 2027: भारत अपनी विकास यात्रा में एक और बड़ा कदम उठा रहा है। जनगणना 2027 (Census 2027) के पहले चरण की शुरुआत हो चुकी है और इसके नतीजे चौंकाने वाले हैं। भारत के रजिस्ट्रार जनरल (RGI) के अनुसार, अब तक 5.72 लाख से ज्यादा परिवारों ने खुद आगे बढ़कर अपनी जानकारी ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज कर दी है। यह आंकड़ा सिर्फ एक संख्या नहीं है, बल्कि इस बात का सबूत है कि भारतीय नागरिक अब पारंपरिक तरीकों को छोड़कर डिजिटल माध्यमों को गले लगा रहे हैं।

Yogi Adityanath: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में विकास के एक नए युग का उदय

क्यों खास है इस बार की जनगणना?
अक्सर हमने देखा है कि जनगणना के समय सरकारी कर्मचारी घर-घर आते थे और लंबी-चौड़ी कागजी कार्यवाही होती थी। लेकिन इस बार डिजिटल जनगणना (Digital Census) के जरिए सरकार ने आम जनता को एक बड़ी राहत दी है। अब आप अपने घर के सोफे पर बैठकर, बिना किसी शोर-शराबे के अपनी जानकारी ऑनलाइन भर सकते हैं। पीटीआई (PTI) की रिपोर्ट बताती है कि लोग इस नई सेल्फ-एन्यूमरेशन (Self-Enumeration) सुविधा को काफी पसंद कर रहे हैं क्योंकि यह न केवल समय बचाती है बल्कि बेहद सुरक्षित और आसान भी है।

PM-KUSUM योजना 2025: किसानों के लिए सौर ऊर्जा आधारित कृषि विकास योजना •

15 दिनों का ‘गोल्डन पीरियड’ और ऑनलाइन प्रक्रिया
जनगणना 2027 की आधिकारिक शुरुआत 1 अप्रैल से हो चुकी है। सरकार ने पहली बार जनता को 15 दिनों का विशेष समय दिया है, जिसमें वे खुद अपनी जानकारी पोर्टल पर अपलोड कर सकते हैं। इसके लिए एक समर्पित वेबसाइट बनाई गई है जहाँ परिवार के मुखिया या सदस्य अपने घर की बुनियादी जानकारी साझा कर सकते हैं।

Yogi Adityanath : योगी सरकार का वो ‘सुरक्षा कवच’ जिसने बदल दी लाखों जिंदगियां

ये राज्य उठा रहे हैं सबसे पहले फायदा:
वर्तमान में यह डिजिटल सुविधा चुनिंदा राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में उपलब्ध कराई गई है, जिनमें शामिल हैं:

  • अंडमान और निकोबार द्वीप समूह

  • गोवा, कर्नाटक और सिक्किम

  • ओडिशा, लक्षद्वीप और मिजोरम

  • दिल्ली के एनडीएमसी (NDMC) और कैंटोनमेंट इलाके

जब आप अपनी जानकारी ऑनलाइन भर देते हैं, तो आपको एक यूनिक रेफरेंस आईडी (Unique ID) मिलती है। 16 अप्रैल से जब जनगणना कर्मचारी आपके घर आएंगे, तो आपको दोबारा फॉर्म भरने की जरूरत नहीं होगी; बस वह आईडी दिखाकर आपकी जानकारी वेरिफाई (जांच) कर ली जाएगी।

दो चरणों में तैयार होगा नया भारत
इस बार की जनगणना को दो मुख्य हिस्सों में बांटा गया है:

  1. हाउस लिस्टिंग और हाउसिंग सेंसस (House Listing & Housing Census): इसमें आपके घर की स्थिति, उपलब्ध सुविधाएं और बुनियादी ढांचे की जानकारी ली जा रही है।

  2. जनसंख्या गणना (Population Enumeration): यह प्रक्रिया अगले साल शुरू होगी, जिसमें देश के हर नागरिक की व्यक्तिगत जानकारी जुटाई जाएगी।

33 सवालों में छिपा है देश का भविष्य
इस बार जनगणना कर्मचारी हाथ में रजिस्टर लेकर नहीं, बल्कि एक खास मोबाइल ऐप लेकर आपके दरवाजे पर दस्तक देंगे। वे आपसे करीब 33 सवाल पूछेंगे। इन सवालों में घर के मुखिया का नाम, लिंग, घर का मालिकाना हक, पीने के पानी की सुविधा, बिजली और शौचालय जैसे महत्वपूर्ण बिंदु शामिल होंगे। यह डेटा सरकार को भविष्य की योजनाएं और कल्याणकारी स्कीमें बनाने में मदद करेगा। 

जनगणना 2027 सिर्फ लोगों की गिनती नहीं है, बल्कि यह आधुनिक भारत की एक डिजिटल तस्वीर है। अगर आप भी ऊपर दिए गए राज्यों में रहते हैं, तो इस डिजिटल मुहिम का हिस्सा बनें और घर बैठे अपनी जानकारी दर्ज करें। यह आसान है, तेज है और सुरक्षित है…

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now