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Join NowAligarh Police Constable Case: उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने न केवल पुलिस महकमे को शर्मसार कर दिया है, बल्कि उन तमाम पीड़ितों के भरोसे को भी तोड़ दिया है जो न्याय की उम्मीद में थाने की चौखट पर पहुँचते हैं। अलीगढ़ के क्वार्सी थाने (Quarsi Police Station) की नगला पटवारी चौकी में तैनात एक मुख्य आरक्षी (दीवान) पर एक रेप पीड़िता ने बेहद गंभीर और घिनौने आरोप लगाए हैं।
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मदद के नाम पर ‘गंदा सौदा’
घटना की शुरुआत तब हुई जब जमालपुर निवासी एक महिला ने जीशान नाम के युवक के खिलाफ शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने की शिकायत मुख्यमंत्री पोर्टल पर दर्ज कराई। इस मामले की जांच का जिम्मा नगला पटवारी चौकी के दीवान इमरान खान (Imran Khan) को सौंपा गया। पीड़िता को लगा कि अब उसे न्याय मिलेगा, लेकिन उसे क्या पता था कि जिस खाकी पर वह भरोसा कर रही है, वही उसकी अस्मत का सौदा करने की फिराक में है।
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“प्राइवेट फोटो भेजो और होटल आओ” – सिपाही की शर्मनाक डिमांड
पीड़िता का आरोप है कि जांच के बहाने इमरान खान ने उसे अपने पास बुलाया और फिर व्हाट्सएप कॉल के जरिए उसे परेशान करना शुरू कर दिया। दीवान ने मर्यादा की सारी सीमाएं लांघते हुए पीड़िता से उसके ‘प्राइवेट फोटो’ की मांग की। इतना ही नहीं, आरोपी सिपाही ने उसे ईद के नए कपड़े दिलाने का लालच दिया और दबाव बनाया कि वह उसके साथ होटल चले।
धार्मिक कार्ड और जेल भेजने की धमकी
मामले में सबसे ज्यादा हैरान करने वाला पहलू वह है जब सिपाही ने पीड़िता को इमोशनल ब्लैकमेल करने की कोशिश की। पीड़ित महिला के अनुसार, इमरान ने उससे कहा— “तू भी मुसलमान है, मैं भी मुसलमान हूं, तुझे मेरे कमरे पर आकर सोना पड़ेगा। अगर तू ऐसा करेगी, तभी तेरे केस में कार्रवाई होगी, वरना मैं उल्टा तुझे ही जेल भेज दूंगा।” सिपाही ने उसे कसम देकर चुप रहने और किसी को कुछ न बताने की धमकी भी दी।
पीड़िता की बहादुरी और पुलिस का एक्शन
आरोपी सिपाही शायद यह भूल गया था कि आज के दौर में तकनीक जितनी उसके पास है, उतनी ही पीड़िता के पास भी। पीड़िता ने सिपाही के साथ हुई उस अश्लील बातचीत की ऑडियो रिकॉर्डिंग (Audio Recording) कर ली और सीधे एसएसपी अलीगढ़ (SSP Aligarh) के पास पहुँच गई।
मामले की गंभीरता और सबूतों को देखते हुए एसएसपी ने बिना देर किए मुख्य आरक्षी इमरान खान को तत्काल प्रभाव से निलंबित (Suspended) कर दिया है। आरोपी के खिलाफ क्वार्सी थाने में संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और विभागीय जांच शुरू कर दी गई है।
क्या सुरक्षित है न्याय की डगर?
अलीगढ़ की यह घटना प्रशासन के लिए एक बड़ा सबक है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के बावजूद अगर पुलिसकर्मी इस तरह की हिम्मत कर रहे हैं, तो यह चिंता का विषय है। हालांकि, एसएसपी के त्वरित एक्शन ने यह संदेश जरूर दिया है कि वर्दी की आड़ में अपराध करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। अब देखना यह है कि जांच के बाद आरोपी को कितनी सख्त सजा मिलती है।










