नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन से ठीक पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच एक महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठक संपन्न हुई। शुक्रवार (11 सितंबर 2026) को हुई इस मुलाकात में दोनों देशों के बीच व्यापार, रक्षा और नागरिक परमाणु सहयोग सहित कई प्रमुख रणनीतिक मुद्दों पर गहन चर्चा हुई। दोनों नेताओं ने वर्ष 2030 तक आपसी व्यापार को 100 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंचाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है।

2030 तक $100 अरब के द्विपक्षीय व्यापार का रखा गया लक्ष्य

भारत मंडपम में आयोजित इस द्विपक्षीय बैठक में दोनों देशों के रणनीतिक और आर्थिक हितों को मजबूत करने के लिए एक विस्तृत रोडमैप पर चर्चा हुई। इसका सबसे महत्वपूर्ण पहलू वर्ष 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 100 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंचाना है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए दोनों नेताओं ने कई अहम क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई है:

औद्योगिक सहयोग: भारत में 'इन्नोप्रोम' (INNOPROM) के जरिए रूस के साथ औद्योगिक साझेदारी को बढ़ाया जाएगा।

रेल और इंफ्रास्ट्रक्चर: रेलवे और टनलिंग (सुरंग निर्माण) के क्षेत्र में दोनों देश मिलकर काम करेंगे।

स्टील और बाजार पहुंच: स्टील वैल्यू चेन का विकास किया जाएगा, जिससे अधिक बी2बी (B2B) अवसर पैदा होंगे और रूसी बाजारों तक भारतीय उत्पादों की पहुंच आसान होगी।

नागरिक परमाणु सहयोग: नागरिक परमाणु क्षेत्र में ईंधन चक्र (फ्यूल साइकिल) और लाइफ साइकिल सपोर्ट को और मजबूत किया जाएगा।

कौशल और खनिज: रूस में कुशल भारतीय श्रमिकों की संख्या बढ़ाई जाएगी और महत्वपूर्ण खनिजों (क्रिटिकल मिनरल्स) की खोज व विनिर्माण में साझेदारी मजबूत होगी।

कृषि व उर्वरक: सामरिक संयुक्त उद्यमों (Joint Venture Projects) के माध्यम से उर्वरक (फर्टिलाइजर) क्षेत्र में सहयोग को बढ़ाया जाएगा।

रूसी राष्ट्रपति पुतिन को पीएम मोदी ने भेंट की 'तमिल वेद' तिरुक्कुरल

बैठक के दौरान दोनों नेताओं के बीच गहरी गर्मजोशी देखने को मिली। भारत मंडपम में प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति पुतिन ने हाथ मिलाया और एक-दूसरे को गले लगाया। इस खास मौके पर पीएम मोदी ने रूसी राष्ट्रपति पुतिन को प्रसिद्ध तमिल संत और कवि तिरुवल्लुवर की कालजयी रचना 'तिरुक्कुरल' (Tirukkural) का रूसी अनुवाद भेंट किया।

इस पुस्तक की महत्ता समझाते हुए पीएम मोदी ने कहा कि यह दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक संबंधों को प्रगाढ़ करने में सेतु का काम करेगी। लगभग 2000 वर्ष पूर्व रची गई 'तिरुक्कुरल' को तमिल साहित्य का सबसे महान ग्रंथ माना जाता है और इसे 'तमिल वेद' भी कहा जाता है। संत तिरुवल्लुवर ने इस ग्रंथ में मानव जीवन की विविध विशेषताओं और मानवीय मूल्यों को बतलाया है।

वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता का महत्व

दिल्ली में आयोजित यह शिखर सम्मेलन ऐसे समय में हो रहा है जब पूरी दुनिया कई बड़ी भू-राजनीतिक और आर्थिक अनिश्चितताओं का सामना कर रही है। रूस-यूक्रेन युद्ध, पश्चिम एशिया संकट (विशेषकर होर्मुज जलडमरूमध्य की नाकेबंदी) और अमेरिकी ट्रंप प्रशासन की व्यापार व टैरिफ नीतियों के कारण वैश्विक अर्थव्यवस्था भारी दबाव में है।

ऐसे में भारत की ब्रिक्स (BRICS) अध्यक्षता को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। 11 देशों वाले इस समूह में अब ब्राजील, चीन, मिस्र, इथियोपिया, भारत, इंडोनेशिया, ईरान, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) शामिल हैं। ये सभी देश मिलकर वैश्विक आबादी का लगभग 49.5 प्रतिशत, वैश्विक जीडीपी (GDP) का 40 प्रतिशत और विश्व व्यापार का 26 प्रतिशत हिस्सा कवर करते हैं। जलवायु परिवर्तन और भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के बीच भारत की यह अध्यक्षता 'ग्लोबल साउथ' (Global South) के आर्थिक हितों की रक्षा करने और वैश्विक संस्थाओं में सुधार लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

OPTIONAL FAQ:

Q1: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को कौन सी पुस्तक भेंट की और उसका क्या महत्व है?

A1: पीएम मोदी ने पुतिन को प्रसिद्ध तमिल संत और कवि तिरुवल्लुवर द्वारा रचित महान ग्रंथ 'तिरुक्कुरल' का रूसी अनुवाद भेंट किया। लगभग 2000 वर्ष पूर्व लिखे गए इस ग्रंथ को 'तमिल वेद' कहा जाता है, जिसमें मानव जीवन के विविध पहलुओं और नैतिक मूल्यों को बताया गया है।

Q2: भारत और रूस ने वर्ष 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार का क्या महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किया है?

A2: दोनों देशों ने वर्ष 2030 तक आपसी द्विपक्षीय व्यापार को 100 अरब अमेरिकी डॉलर (100 Billion USD) तक पहुंचाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किया है।

Q3: ब्रिक्स (BRICS) समूह में वर्तमान में कितने देश शामिल हैं और वैश्विक अर्थव्यवस्था में इनकी क्या हिस्सेदारी है?

A3: ब्रिक्स समूह में अब कुल 11 देश (ब्राजील, चीन, मिस्र, इथियोपिया, भारत, इंडोनेशिया, ईरान, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका, यूएई) शामिल हैं। ये सभी देश मिलकर विश्व की कुल आबादी का 49.5%, वैश्विक जीडीपी का 40% और वैश्विक व्यापार का 26% हिस्सा कवर करते हैं।