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Join NowUS global image: अमेरिका – एक ऐसा नाम जिसे सुनकर दुनिया दो ध्रुवों में बंट जाती है। कोई उसे अपना सबसे करीबी दोस्त और साझेदार मानता है, तो किसी की नजर में वही सबसे बड़ा संभावित खतरा है। अमेरिका की इस दोहरी वैश्विक छवि को लेकर प्यू रिसर्च सेंटर (Pew Research Center) ने 24 देशों में एक व्यापक सर्वे किया है, जिसके नतीजे बेहद दिलचस्प और कुछ मामलों में चौंकाने वाले हैं।
यह सर्वे ऐसे समय में सामने आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के फैसलों, खासकर दुनिया के कई देशों पर टैरिफ लगाने की घोषणा के कारण कई राष्ट्र अमेरिका से खासे नाराज हैं और वैश्विक व्यापार में एक तनाव का माहौल है। आइए जानते हैं कि इस सर्वे में दुनिया के कौन से देश अमेरिका को अपना साझेदार और कौन उसे अपने लिए खतरा मानते हैं।
कौन मानता है अमेरिका को सबसे बड़ा साझेदार?
प्यू रिसर्च सेंटर के सर्वे के मुताबिक, 24 देशों में से 12 देशों के लोगों ने अमेरिका को अपना सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण साझेदार माना है। इस लिस्ट में सबसे ऊपर इजरायल है, जो अमेरिका का सबसे मजबूत सहयोगी बनकर उभरा है। इसके बाद टॉप 5 में कनाडा, यूनाइटेड किंगडम (UK), जापान, और दक्षिण कोरिया जैसे देश शामिल हैं, जो अमेरिका के साथ अपने गहरे संबंधों को दर्शाते हैं।
सबसे चौंकाने वाला खुलासा: भारत के लिए रूस से बड़ा दोस्त है अमेरिका?
इस सर्वे का सबसे हैरान करने वाला पहलू भारत को लेकर सामने आया है। सर्वे के अनुसार, भारत भी अमेरिका को अपना एक प्रमुख साझेदार मानता है और इस सूची में मजबूती से खड़ा है।
सर्वे में जब भारतीयों से पूछा गया, तो जो नतीजा सामने आया वह पारंपरिक धारणाओं के विपरीत था। सिर्फ 19% भारतीयों ने अपने पुराने और पारंपरिक दोस्त रूस को सबसे बड़ा साझेदार माना, जबकि लगभग दोगुने, यानी 35% लोगों ने अमेरिका के हक में अपनी राय दी। यह आंकड़ा ऐसे समय में और भी महत्वपूर्ण हो जाता है, जब मौजूदा व्यापारिक हालातों, खासकर अमेरिका द्वारा लगाए गए टैरिफ को लेकर भारत और अमेरिका के संबंधों में कुछ खटास चल रही है। इसके बावजूद, जनता की नजर में अमेरिका का एक मजबूत साझेदार बने रहना, दोनों देशों के गहरे होते संबंधों की ओर इशारा करता है।
दोस्त ही नहीं, कई देशों के लिए सबसे बड़ा ‘खतरा’ भी है अमेरिका
एक तरफ जहां कई देश अमेरिका को अपना सबसे करीबी मानते हैं, वहीं दूसरी तरफ कुछ देश उसे अपने लिए सबसे बड़ा संभावित खतरा भी मानते हैं। इसमें सबसे दिलचस्प बात यह है कि इस सूची में उसके अपने पड़ोसी देश कनाडा और मेक्सिको भी शामिल हैं। इनके अलावा अर्जेंटीना, ब्राजील, और केन्या जैसे देशों के लोग भी अमेरिका को अपने राष्ट्र के लिए एक बड़ा खतरा मानते हैं। यह दिखाता है कि अमेरिका की नीतियां और उसका वैश्विक प्रभाव एक दो-धारी तलवार की तरह है।
अर्जेंटीना, ब्राजील, कनाडा और मेक्सिको जैसे देश, जो उत्तरी और दक्षिणी अमेरिकी महाद्वीप में स्थित हैं, अमेरिका को एक ही समय में एक जरूरी सहयोगी और एक संभावित खतरा, दोनों रूपों में देखते हैं।
दुनिया की नजर में और कौन हैं ‘खतरे’?
सर्वे में शामिल 10 यूरोपीय देशों में से आठ ने रूस को अपने लिए सबसे बड़ा खतरा बताया है। फ्रांस, जर्मनी, नीदरलैंड, पोलैंड, स्वीडन और यूके में लगभग आधे या उससे ज़्यादा वयस्क मानते हैं कि रूस उनके देश के लिए सबसे बड़ा खतरा है।
वहीं, अमेरिका और एशिया-प्रशांत क्षेत्र में कई लोग चीन को अपने देश के लिए सबसे बड़ा खतरा मानते हैं। ऑस्ट्रेलिया और जापान में लगभग आधे वयस्क यही मानते हैं, जबकि दक्षिण कोरिया के लोगों का मानना है कि उत्तर कोरिया के बाद चीन उनके लिए दूसरे नंबर का सबसे बड़ा खतरा है।
कुल मिलाकर, प्यू रिसर्च का यह सर्वे दुनिया की जटिल भू-राजनीति और अमेरिका की उसमें दोहरी भूमिका को स्पष्ट रूप से सामने लाता है, जहां वह एक ही समय में कईयों का सबसे अच्छा दोस्त है और कुछ के लिए सबसे बड़ा खतरा।