कर्नाटक के बेल्लारी में सोमवार (7 सितंबर 2026) को बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष बी.वाई. विजयेंद्र ने युवाओं के साथ 'जेनजेड कनेक्ट' (GenZ Connect) कार्यक्रम में सीधा संवाद किया। इस दौरान उन्होंने रोजगार के भविष्य, तकनीकी बदलाव, केपीएससी (KPSC) परीक्षाओं में देरी और सरकारी स्कूलों की स्थिति जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। बीजेपी और उसकी युवा शाखा बीजेवाईएम (BJYM) द्वारा आयोजित 'बेल्लारी चलो पदयात्रा' के हिस्से के रूप में इस संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया था, जिसमें बेंगलुरु दक्षिण के सांसद तेजस्वी सूर्या भी मौजूद रहे।

युवाओं को नौकरी ढूंढने वाले नहीं, नौकरी पैदा करने वाले बनना होगा

संवाद सत्र के दौरान बी.वाई. विजयेंद्र ने देश की विशाल युवा आबादी को सबसे बड़ी ताकत बताया। उन्होंने कहा कि भारत की लगभग 65 प्रतिशत जनसंख्या 35 वर्ष से कम आयु की है, जो वर्ष 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य को हासिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। विजयेंद्र ने जोर देकर कहा कि युवाओं को केवल नौकरी खोजने तक ही सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उन्हें उद्यमी और रोजगार निर्माता बनने के लिए प्रेरित किया जाना चाहिए। इसके लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, कौशल विकास और पर्याप्त रोजगार के अवसर प्रदान करना बेहद आवश्यक है।

केपीएससी में सुधार और 1990 के दशक के कंप्यूटर क्रांति जैसा है एआई का दौर

विजयेंद्र ने कर्नाटक लोक सेवा आयोग (KPSC) के उम्मीदवारों की अनिश्चितता को दूर करने के लिए पूरी भर्ती प्रणाली में बड़े बदलाव की वकालत की। उन्होंने कहा कि अधिसूचनाओं, परीक्षाओं, परिणामों और साक्षात्कारों (इंटरव्यू) में लंबे समय तक होने वाली देरी के कारण लाखों उम्मीदवार वर्षों तक इंतजार करने को मजबूर हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि यदि भाजपा राज्य की सत्ता में लौटती है, तो केपीएससी में सुधार और तेजी से सरकारी भर्तियां करना उसकी प्राथमिकताओं में शामिल होगा।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और ऑटोमेशन के बढ़ते प्रभाव पर चर्चा करते हुए विजयेंद्र ने युवाओं को नई तकनीकी क्षमताओं को सीखने (अपस्किलिंग) की सलाह दी। उन्होंने 1990 के दशक का उदाहरण देते हुए याद दिलाया कि जब देश में पहली बार कंप्यूटरों का विस्तार हो रहा था, तब भी ऐसी ही आशंकाएं जताई गई थीं। हालांकि, तकनीकी बदलाव कुछ पारंपरिक नौकरियों को बदलेंगे, लेकिन साथ ही रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेंगे।

ग्रामीण शिक्षा में सुधार, कल्याण कर्नाटक का विकास और पर्यटन को बढ़ावा

विजयेंद्र ने ग्रामीण सरकारी स्कूलों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और कुशल शिक्षकों की नियुक्ति की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने शिकारीपुरा के एक सरकारी स्कूल का उदाहरण दिया, जहां बेहतर प्रबंधन और शिक्षकों की नियुक्ति के बाद छात्रों की संख्या 25 से बढ़कर 250 से अधिक हो गई। इसके साथ ही, उन्होंने उत्तर कर्नाटक के कल्याण कर्नाटक क्षेत्र में पीने के पानी, डॉक्टरों, शिक्षकों और उद्योगों की कमी का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि कर्नाटक का विकास केवल बेंगलुरु के विकास तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इस क्षेत्र में भी सिंचाई, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा और उद्योगों में निवेश बढ़ाना चाहिए।

पर्यटन के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन को लेकर विजयेंद्र ने केरल के पर्यटन मॉडल का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि बेल्लारी और कोप्पल जैसे उत्तर कर्नाटक के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक स्थलों को पर्यटन के दीर्घकालिक प्लान (5, 10 या 15 वर्ष) के तहत विकसित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि पर्यटन को एक या दो साल के प्रोजेक्ट के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने युवाओं को राजनीति में आने के लिए भी प्रेरित किया और इसे सामाजिक सेवा व व्यवस्था में बदलाव का एक बड़ा मंच बताया।

OPTIONAL FAQ:

Q1: 'जेनजेड कनेक्ट' संवाद कार्यक्रम का आयोजन कहाँ और किस सिलसिले में किया गया था?

A1: इस कार्यक्रम का आयोजन कर्नाटक के बेल्लारी में बीजेपी और उसकी युवा इकाई बीजेवाईएम द्वारा आयोजित 'बेल्लारी चलो पदयात्रा' के तहत युवाओं से खुली बातचीत करने के उद्देश्य से किया गया था।

Q2: बी.वाई. विजयेंद्र ने केपीएससी (KPSC) उम्मीदवारों की समस्याओं को लेकर क्या आश्वासन दिया है?

A2: उन्होंने परीक्षाओं, अधिसूचनाओं और परिणामों में होने वाली देरी पर चिंता जताई और कहा कि यदि भाजपा सत्ता में लौटती है, तो केपीएससी में सुधार करना और तेजी से सरकारी नियुक्तियां करना उसकी प्राथमिकताओं में होगा।

Q3: एआई और ऑटोमेशन के दौर में युवाओं को विजयेंद्र ने क्या सलाह दी है?

A3: उन्होंने कहा कि तकनीकी बदलावों से घबराने के बजाय युवाओं को नई तकनीकी क्षमताएं सीखने और कौशल विकास (अपस्किलिंग) पर ध्यान केन्द्रीकृत करना चाहिए। उन्होंने 1990 के दशक में कंप्यूटर आने के समय की आशंकाओं का उदाहरण भी दिया।