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क्या आप भी रात 11 बजे के बाद सोती हैं? जानिए महिलाओं के स्वास्थ्य और फर्टिलिटी पर इसका क्या होता है असर

आज के आधुनिक और भागदौड़ भरे लाइफस्टाइल में देर रात तक जागना और सुबह देर से उठना एक सामान्य आदत बन चुकी है। लेकिन चिकित्सा विज्ञान कहता है कि महिलाओं के लिए देर

Chetan

Chetan (वरिष्ठ संवाददाता)

14 जून 2026

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क्या आप भी रात 11 बजे के बाद सोती हैं? जानिए महिलाओं के स्वास्थ्य और फर्टिलिटी पर इसका क्या होता है असर

फोटो: ग्राउंड रिपोर्ट - विशेष संवाददाता (दैनिक एक्सप्रेस)

आज के आधुनिक और भागदौड़ भरे लाइफस्टाइल में देर रात तक जागना और सुबह देर से उठना एक सामान्य आदत बन चुकी है। लेकिन चिकित्सा विज्ञान कहता है कि महिलाओं के लिए देर रात तक जागना पुरुषों की तुलना में काफी अधिक नुकसानदायक हो सकता है। डॉक्टरों के अनुसार, महिलाओं का शरीर एक बेहद संवेदनशील हार्मोनल चक्र पर काम करता है, जो सीधे तौर पर उनकी जैविक घड़ी यानी ‘सार्केडियन रिदम’ (Circadian Rhythm) से जुड़ा है। फोर्टिस अस्पताल और नर्चर आईवीएफ क्लिनिक की वरिष्ठ स्त्री रोग विशेषज्ञों ने महिलाओं को रात 11 बजे से पहले सोने की सलाह दी है।

क्यों महत्वपूर्ण है सोने का समय? डॉक्टरों ने बताई वजह

नर्चर आईवीएफ क्लिनिक में गायनेकोलॉजिस्ट डॉ. अर्चना धवन बजाज के मुताबिक, सेहतमंद रहने के लिए सिर्फ यह मायने नहीं रखता कि आप कितनी देर सोती हैं, बल्कि किस समय सोती हैं, यह भी उतना ही जरूरी है। हमारे शरीर का ‘सार्केडियन रिदम’ (Circadian Rhythm) मेटाबॉलिज्म, प्रजनन क्षमता और संपूर्ण स्वास्थ्य से जुड़े हार्मोनों के स्राव को नियंत्रित करता है। रात 11 बजे से पहले सो जाना शरीर की प्राकृतिक जैविक घड़ी के पूरी तरह अनुकूल होता है।

रात के शुरुआती घंटों में हमारा शरीर मेलाटोनिन और ग्रोथ हार्मोन जैसे बेहद महत्वपूर्ण हार्मोन बनाता है। ये हार्मोन शरीर के ऊतकों की मरम्मत करने, मेटाबॉलिज्म को नियंत्रित रखने और प्रजनन स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने में मदद करते हैं।

देर रात सोने से प्रभावित होने वाले मुख्य हार्मोन

फोर्टिस अस्पताल में प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग में कंसल्टेंट डॉ. महिमा काक नागपाल के अनुसार, लगातार देर रात तक जागने या नींद पूरी न होने से शरीर में स्ट्रेस हार्मोन (Cortisol) का स्तर काफी बढ़ जाता है। यह तनाव हार्मोन सीधे तौर पर पीरियड्स की अनियमितता (Irregular Periods), PCOD और फर्टिलिटी को प्रभावित कर सकता है। डॉक्टरों के मुताबिक, खराब या अनियमित नींद महिलाओं के शरीर में निम्नलिखित प्रमुख हार्मोनों को प्रभावित करती है:

  • मेलाटोनिन (Melatonin): जो अंडों (Eggs) की गुणवत्ता को बेहतर बनाए रखने में मदद करता है।

  • कोर्टिसोल (Cortisol): जो तनाव बढ़ाने के लिए जिम्मेदार है।

  • ल्यूटिनाइजिंग हार्मोन (LH)

  • फॉलिकल स्टिम्युलेटिंग हार्मोन (FSH)

  • एस्ट्रोजन (Estrogen)

  • प्रोजेस्टेरोन (Progesterone)

नींद की कमी से दिमाग, पिट्यूटरी ग्रंथि और अंडाशय के बीच होने वाला सामान्य हार्मोनल संचार बाधित हो जाता है।

बांझपन (फर्टिलिटी) और ओव्यूलेशन पर बुरा असर

लंबे समय तक नींद की कमी या सोने की खराब आदतों के कारण महिलाओं में ओव्यूलेशन की प्रक्रिया बाधित हो सकती है। इसके कारण मासिक धर्म चक्र अनियमित हो जाता है, पीरियड्स के बीच का अंतराल बढ़ जाता है और गर्भधारण करने में गंभीर कठिनाई आ सकती है। डॉ. अर्चना धवन बजाज का कहना है कि प्रजनन से जुड़े सभी हार्मोन शरीर के सर्केडियन रिदम के साथ तालमेल में काम करते हैं। यही कारण है कि लंबे समय तक नींद की समस्या रहने से फर्टिलिटी प्रभावित होती है।

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पीसीओएस (PCOS) और वजन बढ़ने का खतरा

नींद की कमी न केवल फर्टिलिटी को बल्कि महिला के मेटाबॉलिक स्वास्थ्य को भी बिगाड़ देती है। लगातार कम या खराब नींद लेने से शरीर में इंसुलिन रेजिस्टेंस बढ़ सकता है, जिससे वजन बढ़ना और कमर के आसपास चर्बी जमा होना शुरू हो जाता है। इसके अतिरिक्त, रात में कम नींद लेने से पीसीओएस (PCOS) के लक्षण और अधिक गंभीर हो जाते हैं तथा हार्मोनल असंतुलन तेजी से बढ़ता है।

कितनी नींद है जरूरी और क्या है सही आदत?

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, महिलाओं को स्वस्थ रहने के लिए रोजाना कम से कम 7 से 9 घंटे की अच्छी और गहरी नींद लेनी चाहिए। इसके साथ ही महिलाओं को रोजाना एक निश्चित समय पर सोने और जागने का नियम बनाना चाहिए। अच्छी नींद की आदतें (Sleep Hygiene) हार्मोन संतुलन, मानसिक स्वास्थ्य और प्रजनन क्षमता को बेहतर बनाए रखने में सबसे अधिक मददगार साबित होती हैं।

FAQ:

प्रश्न 1: महिलाओं को रोजाना रात में कितनी देर सोना चाहिए?
उत्तर: स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, महिलाओं को हर रात 7 से 9 घंटे की अच्छी और गुणवत्तापूर्ण नींद लेनी चाहिए। इसके साथ ही रोजाना एक निश्चित समय पर सोने और जागने का नियम बनाना चाहिए।

प्रश्न 2: देर रात तक जागने से कौन-कौन से महत्वपूर्ण हार्मोन प्रभावित होते हैं?
उत्तर: देर रात तक जागने से शरीर में तनाव हार्मोन ‘कोर्टिसोल’ बढ़ जाता है। इसके अलावा मेलाटोनिन, ल्यूटिनाइजिंग हार्मोन (LH), फॉलिकल स्टिम्युलेटिंग हार्मोन (FSH), एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन जैसे महत्वपूर्ण हार्मोन प्रभावित होते हैं।

प्रश्न 3: नींद की कमी से गर्भधारण (प्रेग्नेंसी) में कैसे समस्या आ सकती है?
उत्तर: लंबे समय तक नींद की कमी या खराब स्लीप रूटीन से महिलाओं में ओव्यूलेशन की प्रक्रिया बाधित हो सकती है। इससे मासिक धर्म चक्र अनियमित हो जाता है, पीरियड्स के बीच का अंतर बढ़ता है और गर्भधारण करने में कठिनाई आ सकती है।

“छात्रों की स्वास्थ्य और सुरक्षा के साथ कोई समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अनियमितताओं पर कठोरतम प्रशासनिक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।”

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