गोरखपुर यूनिवर्सिटी में हॉस्टल के खाने पर भड़कीं राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, अखिलेश यादव बोले— ‘सीएम के शहर में ये हाल’

उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय (DDU) के हॉस्टल मेस का औचक निरीक्षण किया, जहाँ वे छात्रों को परोसे जा रहे भोजन और उसमें इस्तेमाल हो रहे तेल की बेहद खराब गुणवत्ता देखकर विश्वविद्यालय प्रशासन पर बुरी तरह भड़क गईं। शुक्रवार (7 अगस्त) को हुई इस घटना के बाद समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रमुख अखिलेश यादव ने राज्य की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर तंज कसते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के गृह जनपद (गोरखपुर) में जब यह हाल है, तो प्रदेश के अन्य हिस्सों की स्थिति का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है।

हॉस्टल मेस में खराब खाना और तेल देख भड़कीं राज्यपाल आनंदीबेन पटेल

दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय (डीडीयू) के दौरे पर पहुंचीं राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने छात्रों के छात्रावास (हॉस्टल) की मेस का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान जब उन्होंने रसोई में जाकर भोजन और वहां इस्तेमाल किए जा रहे खाद्य तेल (कुकिंग ऑयल) की गुणवत्ता जांची, तो वे बेहद नाराज हो गईं। मेस में बना खाना और तेल अत्यंत घटिया स्तर का पाया गया, जिससे छात्रों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ हो रहा था।

राज्यपाल ने इस लापरवाही पर कड़ा रुख अपनाते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन को कड़ी फटकार लगाई और मेस संचालक व ठेकेदार के खिलाफ तुरंत सख्त कार्रवाई करने और खाने की नियमित जांच करने के निर्देश दिए।

‘सीएम के शहर में ये हाल…’ – अखिलेश यादव का तीखा तंज

इस घटना की खबर सार्वजनिक होते ही उत्तर प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस मुद्दे को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और भाजपा सरकार को आड़े हाथों लिया। अखिलेश यादव ने तंज कसते हुए कहा, “मुख्यमंत्री के खुद के शहर में यह हाल है। जब मुख्यमंत्री के गृह जनपद और वहां की प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी के हॉस्टल में छात्रों को ऐसा घटिया भोजन परोसा जा रहा है, तो पूरे प्रदेश के अन्य शिक्षण संस्थानों की क्या स्थिति होगी, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है।”

उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार केवल विज्ञापनों में सुशासन का दावा करती है, जबकि धरातल पर छात्रों की बुनियादी सुविधाओं और स्वास्थ्य के साथ गंभीर खिलवाड़ हो रहा है।

कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने भी साधा निशाना, छात्रों की सुरक्षा पर उठाए सवाल

इस मुद्दे पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पवन खेड़ा ने भी तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन और स्थानीय प्रशासन में फैले कथित भ्रष्टाचार पर सवाल उठाए। खेड़ा ने कहा कि जब कुलाधिपति (राज्यपाल) के सामने ही इतनी बड़ी धांधली उजागर हो रही है, तो स्पष्ट है कि विश्वविद्यालय के हॉस्टल और मेस के ठेके देने में भारी भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद चल रहा है।

उन्होंने सरकार से मांग की कि दोषी अधिकारियों और खाद्य सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाले ठेकेदारों के खिलाफ तुरंत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में छात्रों के जीवन को जोखिम में न डाला जा सके।

FAQ:
Q1: राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने गोरखपुर विश्वविद्यालय के हॉस्टल मेस में क्या गड़बड़ी पाई?
A1: राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने औचक निरीक्षण के दौरान पाया कि हॉस्टल मेस में छात्रों को बेहद खराब गुणवत्ता का भोजन परोसा जा रहा था और उसमें इस्तेमाल किया जा रहा कुकिंग ऑयल (खाद्य तेल) भी घटिया स्तर का था।

Q2: राज्यपाल के इस निरीक्षण पर समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने क्या प्रतिक्रिया दी?
A2: अखिलेश यादव ने तंज कसते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के गृह जनपद (गोरखपुर) और वहां की प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी के हॉस्टल में जब यह हाल है, तो प्रदेश के अन्य हिस्सों की स्थिति का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है।

Q3: कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने इस घटना को लेकर सरकार पर क्या आरोप लगाए हैं?
A3: पवन खेड़ा ने आरोप लगाया कि कुलाधिपति (राज्यपाल) के सामने इस प्रकार की बड़ी लापरवाही सामने आना विश्वविद्यालय के हॉस्टल और मेस के ठेके देने में बड़े पैमाने पर चल रहे कथित भ्रष्टाचार को उजागर करता है।

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