PM Fasal Bima Yojana: किसान भाई जान लें फसल बीमा का ये ‘सीक्रेट’, वरना बाद में पछताएंगे

Published On: March 26, 2026
Follow Us
PM Fasal Bima Yojana: किसान भाई जान लें फसल बीमा का ये 'सीक्रेट', वरना बाद में पछताएंगे

Join WhatsApp

Join Now

PM Fasal Bima Yojana: भारत एक कृषि प्रधान देश है, जहाँ की आधी से ज्यादा आबादी आज भी मिट्टी से सोना उगाने यानी खेती-किसानी पर निर्भर है। लेकिन एक कड़वा सच यह भी है कि किसान की पूरी मेहनत ‘आसमान’ के भरोसे होती है। महीनों की हाड़-तोड़ मेहनत, पसीना और पूंजी लगाकर किसान फसल खड़ी करता है, लेकिन कुदरत का एक कहर—चाहे वह बेमौसम बारिश हो, ओलावृष्टि हो या भयंकर तूफान सब कुछ पल भर में मिट्टी में मिला देता है।

PMEGP: प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम, स्वरोजगार और ग्रामीण रोजगार के लिए अवसर

ऐसे में जब खेत वीरान हो जाते हैं, तो किसान के सामने सबसे बड़ा सवाल खड़ा होता है कि अब परिवार का पेट कैसे पलेगा? कर्ज कैसे चुकेगा? अगर आप भी एक किसान हैं या खेती से जुड़े हैं, तो यह लेख आपके लिए ‘वरदान’ साबित हो सकता है। आज हम बात करेंगे प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) की, जो संकट की घड़ी में किसानों का सबसे बड़ा सहारा बनकर उभरी है।

क्या है प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना? (PMFBY Details)

सरकार ने इस योजना की शुरुआत केवल नुकसान की भरपाई के लिए नहीं, बल्कि किसान की आर्थिक स्थिति को स्थिर बनाए रखने के लिए की है। यह योजना बुवाई से लेकर कटाई के बाद तक आपकी फसल को सुरक्षा कवच प्रदान करती है। सबसे अच्छी बात यह है कि इस बीमा के आधार पर किसानों को बैंक से लोन मिलना भी आसान हो जाता है।

PM Fellowship: प्रधानमंत्री डॉक्टोरल रिसर्च फेलोशिप, PhD छात्रों के लिए एक सुनहरा अवसर

कौन ले सकता है इस योजना का लाभ? (Eligibility Criteria)

अक्सर किसानों को लगता है कि बीमा सिर्फ बड़े जमींदारों के लिए है, लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं है। इस योजना का दायरा बहुत बड़ा है:

  1. जमीन के मालिक: जिनके नाम पर खुद की खेती है।

  2. बटाईदार और किराएदार: जो दूसरों की जमीन पर खेती करते हैं (Tenant Farmers)।

  3. ऋणी किसान (Loanee Farmers): जिन्होंने बैंक से किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) या फसल लोन लिया है, उनके लिए यह बीमा अनिवार्य होता है।

  4. गैर-ऋणी किसान: जिन्होंने लोन नहीं लिया है, वे अपनी मर्जी से इस योजना से जुड़ सकते हैं।

नोट: बीमा केवल उन्हीं फसलों का होता है जिन्हें सरकार ने उस विशेष क्षेत्र (Notify) के लिए लिस्ट में शामिल किया हो।

कौन-कौन सी फसलें होती हैं कवर?

इस योजना में लगभग सभी मुख्य फसलों को शामिल किया गया है:

  • अनाज और दलहन (Grains & Pulses)

  • तिलहन (Oilseeds)

  • बागवानी फसलें (Horticulture Crops) जैसे फल और सब्जियां।

  • व्यावसायिक फसलें (Commercial Crops) जैसे कपास, गन्ना आदि।

कब और कैसे मिलता है पैसा? (Risks Covered)

यह योजना आपको हर कदम पर सुरक्षा देती है। पैसा तब मिलता है जब:

  1. बुवाई न हो पाना: अगर बारिश की कमी या खराब मौसम के कारण आप बीज ही नहीं बो पाए।

  2. खड़ी फसल का नुकसान: सूखा, बाढ़, कीड़ों का हमला या तूफान से फसल बर्बाद होने पर।

  3. कटाई के बाद का नुकसान: फसल कटने के 14 दिनों के भीतर अगर चक्रवात या बेमौसम बारिश से नुकसान होता है।

  4. स्थानीय आपदा: ओलावृष्टि, भूस्खलन या खेत में पानी भरने (Water logging) जैसी स्थिति में।

प्रीमियम की दरें: नाममात्र का खर्च

किसानों पर बोझ न पड़े, इसलिए प्रीमियम की दरें बहुत कम रखी गई हैं:

  • खरीफ फसल के लिए: केवल 2% प्रीमियम।

  • रबी फसल के लिए: मात्र 1.5% प्रीमियम।

  • बागवानी और कमर्शियल फसलों के लिए: 5% प्रीमियम।
    बाकी का भारी-भरकम प्रीमियम सरकार (केंद्र और राज्य) खुद वहन करती है।

आवेदन से क्लेम तक की पूरी प्रक्रिया (Application & Claim Process)

आवेदन कैसे करें?
आप ऑनलाइन PMFBY Portal के जरिए या ऑफलाइन अपने नजदीकी बैंक, को-ऑपरेटिव सोसायटी या जन सेवा केंद्र (CSC Center) पर जाकर फॉर्म भर सकते हैं। ध्यान रहे, बुवाई के 10 दिनों के भीतर आवेदन करना जरूरी है।

नुकसान होने पर क्या करें? (सबसे जरूरी जानकारी)
अगर आपकी फसल प्राकृतिक आपदा से खराब हो गई है, तो आपके पास केवल 72 घंटे का समय होता है।

  1. 72 घंटे के भीतर बीमा कंपनी, कृषि विभाग के अधिकारी या टोल-फ्री नंबर पर सूचना दें।

  2. इसके बाद सरकारी अधिकारी और बीमा कंपनी के प्रतिनिधि आपके खेत पर आकर नुकसान का जायजा (Survey) लेंगे।

  3. रिपोर्ट सही पाए जाने पर क्लेम की राशि सीधे आपके बैंक खाते (Direct Benefit Transfer) में भेज दी जाएगी।

जागरूक बनें, नुकसान से बचें

किसान भाइयों, खेती अब सिर्फ मेहनत का नहीं बल्कि समझदारी का भी काम है। मौसम के मिजाज को कोई नहीं बदल सकता, लेकिन प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के जरिए आप अपने नुकसान को कम जरूर कर सकते हैं। समय पर बीमा कराएं और अपनी मेहनत को सुरक्षित करें।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now