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Join NowAndhra Pradesh: आंध्र प्रदेश के मार्कापुरम जिले से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। मंगलवार की सुबह जब लोग अपनी नींद से जाग ही रहे थे, तब रायवरम के पास एक भीषण सड़क दुर्घटना ने कई परिवारों की खुशियां हमेशा के लिए छीन लीं। एक यात्री बस और टिपर ट्रक की जोरदार टक्कर के बाद लगी आग ने सफर को श्मशान में बदल दिया। इस दिल दहला देने वाली घटना पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गहरा शोक व्यक्त किया है और पीड़ितों के लिए बड़ी सहायता राशि की घोषणा की है।
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सुबह 6:30 बजे का वो खौफनाक मंजर
यह दर्दनाक हादसा मार्कापुरम जिले के रायवरम के पास सुबह करीब 6:30 बजे हुआ। चश्मदीदों के मुताबिक, हरीकृष्ण ट्रेवल्स की एक यात्री बस जो हैदराबाद से पामुरु (प्रकाशम जिला) की ओर जा रही थी, एक पत्थर की खदान के पास सामने से आ रहे टिपर ट्रक से टकरा गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि पलक झपकते ही दोनों वाहनों में भीषण आग लग गई। बस में उस समय करीब 35 यात्री सवार थे, जिनमें से अधिकांश गहरी नींद में थे। टक्कर और उसके बाद लगी आग ने किसी को संभलने का मौका तक नहीं दिया। आग की लपटें इतनी ऊंची थीं कि दूर-दूर तक काला धुआं और चीखें सुनाई दे रही थीं।
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मौत के मुंह से सुरक्षित निकले 10 खुशकिस्मत लोग
इस भीषण अग्निकांड में अब तक 14 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जिनमें महिलाएं और मासूम बच्चे भी शामिल हैं। हालांकि, इस तबाही के बीच कुछ चमत्कारिक कहानियां भी सामने आईं। आग लगते ही बस की खिड़कियों से करीब दस यात्री बाहर कूदने में सफल रहे, जिससे उनकी जान बच गई।
वर्तमान में 15 लोग गंभीर रूप से झुलसे हुए हैं और उन्हें मार्कापुरम के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों के अनुसार, कुछ घायलों की स्थिति बेहद नाजुक बनी हुई है, जिससे मृतकों का आंकड़ा बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
प्रधानमंत्री मोदी ने जताया शोक, मुआवजे का ऐलान
इस भीषण त्रासदी की जानकारी मिलते ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर अपना दुख साझा किया। पीएम मोदी ने कहा, “आंध्र प्रदेश के मार्कापुरम जिले में हुई दुर्घटना अत्यंत दुखद है। शोक संतप्त परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं। मैं घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं।”
प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सहायता राशि की घोषणा की है:
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मृतकों के परिजनों के लिए: ₹2,00,000 (दो लाख रुपये) प्रत्येक।
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घायलों के लिए: ₹50,000 (पचास हजार रुपये) प्रत्येक।
यह राशि प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से दी जाएगी।
सुरक्षा पर सवाल: क्या टाली जा सकती थी ये दुर्घटना?
इस हादसे ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और यात्री बसों के मानकों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पत्थर की खदानों के पास अक्सर भारी वाहनों की आवाजाही रहती है, ऐसे में क्या तेज रफ्तार इस हादसे की वजह बनी? पुलिस प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है और दोनों वाहनों के मलबे को हटाकर यातायात बहाल करने की कोशिश की जा रही है। यह घटना उन सभी परिवारों के लिए एक कभी न भरने वाला जख्म है जिन्होंने अपने अपनों को इस ‘आग के तांडव’ में खो दिया है।










