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Join NowCrime News: आज के डिजिटल युग में सोशल मीडिया जितना हमारे लिए मददगार है, उतना ही खतरनाक भी साबित हो रहा है। गुजरात के सूरत शहर से एक ऐसी रोंगटे खड़े कर देने वाली वारदात सामने आई है, जिसने न केवल ‘लव जिहाद’ की बहस को फिर से छेड़ दिया है, बल्कि माता-पिता की रातों की नींद भी उड़ा दी है। सूरत के इच्छापोर इलाके में एक मासूम नाबालिग हिंदू लड़की को प्रेम जाल में फंसाकर उसके साथ जो हुआ, वह इंसानियत को शर्मसार करने वाला है।
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कौन है वो ‘अभिषेक गुप्ता’? सच्चाई जानकर उड़ जाएंगे होश
इस पूरी साजिश की शुरुआत हुई सोशल मीडिया से। साजिद नाम के एक युवक ने अपनी असली पहचान छिपाकर खुद को ‘अभिषेक गुप्ता’ बताया। उसने न केवल नाम बदला, बल्कि अपने एक दोस्त अभय कुमार शर्मा की मदद से आधार कार्ड के साथ भी छेड़छाड़ की। मोबाइल ऐप के जरिए आधार कार्ड पर ‘मोहम्मद साजिद’ की जगह ‘अभिषेक गुप्ता’ लिख दिया गया। यह सब इसलिए किया गया ताकि किसी भी होटल में कमरा लेते समय कोई शक न करे और मासूम लड़की को यह यकीन रहे कि वह किसी हिंदू युवक के साथ सुरक्षित है।
होटल में दरिंदगी और पांच गुनहगार
पुलिस तफ्तीश में सामने आया है कि मुख्य आरोपी मोहम्मद साजिद उर्फ अहद मोहम्मद जावेद पठान ने 12वीं कक्षा में पढ़ने वाली एक नाबालिग छात्रा को पहले प्यार के झांसे में लिया और फिर बहला-फुसलाकर एक होटल ले गया। वहां उसने मासूम की अस्मत के साथ बार-बार खिलवाड़ किया।
हैरानी की बात यह है कि इस घिनौने अपराध में साजिद अकेला नहीं था। उसके साथ 4 और लोग शामिल थे, जिनमें साजिद का सगा भाई मोहम्मद ताबीश, होटल की व्यवस्था करने वाला खुर्शीद और आधार कार्ड एडिट करने वाला अभय शामिल है। इन सभी ने मिलकर इस साजिश को अंजाम दिया और साजिद को भागने में मदद की।
बिहार भागने की फिराक में था आरोपी, पुलिस ने बिछाया जाल
जब पीड़िता के परिवार को इस पूरी घटना की भनक लगी, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। परिवार तुरंत इच्छापोर पुलिस स्टेशन पहुँचा और मामला दर्ज कराया। जैसे ही पुलिस ने कार्रवाई शुरू की, आरोपी साजिद अपने पैतृक स्थान बिहार भागने की फिराक में था। लेकिन सूरत की इच्छापोर पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए तकनीकी निगरानी (Technical Surveillance) के जरिए साजिद और उसके सहयोगियों की घेराबंदी कर उन्हें धर दबोचा।
डिजिटल सबूत खोलेंगे राज
पुलिस इंस्पेक्टर अनिरुद्ध सिंह गोहिल ने मीडिया को बताया कि पुलिस ने आरोपियों के पास से मोबाइल फोन जब्त किए हैं। इन मोबाइलों में कई ऐसे डिजिटल एविडेंस (Digital Evidence) मिले हैं, जो इस सोची-समझी साजिश की गवाही दे रहे हैं। पुलिस अब उन चैट्स और कॉल्स को रिकवर कर रही है, जिनके जरिए इस मासूम लड़की को जाल में फंसाया गया था। अदालत ने सभी आरोपियों को 4 दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है।
लव जिहाद की आहट और समाज को चेतावनी
इस घटना ने सूरत के औद्योगिक क्षेत्र में भारी आक्रोश पैदा कर दिया है। ‘लव जिहाद’ जैसे संवेदनशील मामले को लेकर लोग पुलिस से सख्त से सख्त सजा की मांग कर रहे हैं। जिस तरह से एक हिंदू नाम का सहारा लेकर और फर्जी दस्तावेज बनाकर नाबालिग को निशाना बनाया गया, वह एक बड़े गिरोह की ओर इशारा करता है।
माता-पिता के लिए सबक: यह घटना एक बड़ा अलार्म है। अगर आपकी संतान सोशल मीडिया पर सक्रिय है, तो यह नजर रखना जरूरी है कि वह किससे बात कर रही है। फर्जी प्रोफाइल और पहचान छिपाकर अपराध करने वाले लोग हर जगह मौजूद हैं।










