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Join NowPratapgarh Murder Case: उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले से एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसे सुनकर किसी की भी रूह कांप जाए। यह कहानी किसी फिल्मी थ्रिलर से कम नहीं है, जिसमें प्यार, धोखा, सस्पेंस और फिर एक खौफनाक कत्ल शामिल है। जिले के मांधाता इलाके के रहने वाले मुस्तका गुलशन उर्फ मुन्ना, जो कभी गांव की राजनीति के धुरंधर थे और साल 2016 में ग्राम प्रधान रह चुके थे, उनकी मौत ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी है।
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5 दिनों का सस्पेंस और फिर बोरे में बंद मिली लाश
मुन्ना पिछले 5 दिनों से रहस्यमयी तरीके से लापता थे। घरवाले परेशान थे और पुलिस की टीमें उनकी तलाश में जुटी थीं। इसी बीच सुमेरपुर नहर के किनारे एक संदिग्ध बोरा पड़ा मिला। जब पुलिस ने उस बोरे को खोला, तो वहां मौजूद हर शख्स के होश उड़ गए। बोरे के अंदर मुन्ना की क्षत-विक्षत लाश थी। शव की हालत देखकर साफ पता चल रहा था कि मरने से पहले मुन्ना को बेरहमी से पीटा गया था। शरीर पर चोटों के गहरे निशान थे, जो किसी बड़ी रंजिश की गवाही दे रहे थे।
दो पत्नियां, 18 बच्चे और एक ‘अनोखा’ परिवार
मुन्ना की निजी जिंदगी किसी अजूबे से कम नहीं थी। मुन्ना ने दो शादियां की थीं—पहली पत्नी का नाम किस्मतुल निशा और दूसरी का अम्बिया बानो है। सबसे हैरान करने वाली बात यह थी कि मुन्ना की दोनों पत्नियां एक ही घर में मिल-जुलकर रहती थीं। इस ‘बड़े परिवार’ में मुन्ना के कुल 18 बच्चे थे, जिनमें से 9 बच्चे पहली पत्नी से और 9 दूसरी पत्नी से थे। मुन्ना अपनी इस बड़ी दुनिया में खुश थे, लेकिन उनकी जिंदगी का एक ‘तीसरा पहलू’ भी था, जिसके बारे में शायद उनके परिवार को अंदाजा नहीं था।
वो ‘तीसरी महिला’ और मौत की वो काली रात
पुलिसिया जांच में जो खुलासा हुआ, उसने सबको चौंका दिया। दो पत्नियों के बावजूद मुन्ना का सुमन नाम की एक महिला के साथ प्रेम प्रसंग (Affair) चल रहा था। 18 मार्च की रात मुन्ना सुमन से मिलने पहुंचे थे। वहां किसी बात को लेकर दोनों के बीच तीखी बहस हो गई। गुस्सा इतना बढ़ गया कि सुमन ने अपना आपा खो दिया और पास रखी लोहे की भारी रॉड से मुन्ना के सिर पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया।
सिर पर हुआ वार इतना घातक था कि मुन्ना ने वहीं दम तोड़ दिया। जब सुमन को अहसास हुआ कि मुन्ना की मौत हो चुकी है, तो वह घबरा गई। पकड़े जाने के डर से उसने अपने कुछ साथियों को बुलाया। साजिश के तहत मुन्ना की लाश को एक बोरे में ठूंसा गया और अंधेरे का फायदा उठाकर उसे सुमेरपुर नहर में फेंक दिया गया।
पुलिस का एक्शन और कातिल का कबूलनामा
मुन्ना के लापता होने के बाद से ही पुलिस उनकी कॉल डिटेल्स और करीबियों पर नजर रख रही थी। शक की सुई सुमन पर टिकी, क्योंकि मुन्ना को आखिरी बार उसी के आसपास देखा गया था। पुलिस ने जब सुमन को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की, तो उसकी घबराहट साफ दिखने लगी। आखिरकार सुमन टूट गई और उसने अपना गुनाह कबूल कर लिया।
पुलिस ने आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया है और हत्या में इस्तेमाल किए गए हथियारों की बरामदगी की जा रही है। 18 बच्चों के सिर से उनके पिता का साया उठ चुका है और पूरा प्रतापगढ़ इस हत्याकांड की चर्चा कर रहा है।










