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Join NowGorakhpur News: पूर्वांचल के लाखों रेल यात्रियों के लिए एक ऐसी खबर आई है, जिसका इंतजार पिछले काफी समय से किया जा रहा था। अक्सर त्योहारों और छुट्टियों के सीजन में मुंबई (दादर) से गोरखपुर के बीच चलने वाली ट्रेनों में पैर रखने तक की जगह नहीं होती थी। यात्रियों को स्पेशल ट्रेनों के भरोसे रहना पड़ता था, जिनकी समय सारणी और उपलब्धता हमेशा अनिश्चित रहती थी। लेकिन अब, केंद्र सरकार ने इस समस्या का स्थायी समाधान निकाल लिया है।
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रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने दी हरी झंडी
गोरखपुर के लोकप्रिय सांसद और अभिनेता रवि किशन के निरंतर प्रयासों के बाद, केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने दादर-गोरखपुर रेल सेवा को नियमित एक्सप्रेस ट्रेन के रूप में संचालित करने की आधिकारिक मंजूरी दे दी है। रेल मंत्री ने सांसद रवि किशन को भेजे गए पत्र में इस बात की पुष्टि की है कि जनसुविधाओं और यात्रियों की भारी मांग को देखते हुए अब यह ट्रेन केवल ‘स्पेशल’ बनकर नहीं रहेगी।
क्या बदला है? जानिये नया ट्रेन नंबर
अब तक जो ट्रेन स्पेशल नंबर 01027/01028 के नाम से चलती थी, वह अब अपने नए अवतार और नए नंबर के साथ पटरी पर दौड़ेगी। रेलवे ने इसे नियमित गाड़ी संख्या 11047/11048 दादर-गोरखपुर एक्सप्रेस का दर्जा दे दिया है। नियमित होने का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि अब यात्री महीनों पहले अपनी सीट बुक कर सकेंगे और उन्हें ट्रेन के फेरे बढ़ने या घटने का डर नहीं रहेगा।
प्रवासी मजदूरों और छात्रों को मिलेगा बड़ा सुकून
मुंबई को ‘सपनों की नगरी’ कहा जाता है, जहाँ पूर्वांचल (गोरखपुर, देवरिया, बस्ती, मऊ, आजमगढ़) के लाखों लोग रोजी-रोटी के लिए रहते हैं। चाहे वो छोटा व्यापारी हो, दिहाड़ी मजदूर हो या उच्च शिक्षा के लिए मुंबई जाने वाले छात्र—सबके लिए यह ट्रेन किसी लाइफलाइन से कम नहीं है। स्पेशल ट्रेन होने की वजह से कई बार टिकटों के दाम और उपलब्धता को लेकर अनिश्चितता रहती थी, लेकिन अब नियमित एक्सप्रेस बनने से सफर अधिक सुगम, सुरक्षित और सस्ता हो जाएगा।
सांसद रवि किशन का बड़ा बयान: “यह जनता की जीत है”
इस ऐतिहासिक निर्णय पर खुशी जाहिर करते हुए सांसद रवि किशन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का आभार जताया। रवि किशन ने कहा, “यह केवल एक ट्रेन की अनुमति नहीं है, बल्कि यह पूर्वांचल की गरीब जनता और हमारे प्रवासी भाइयों के प्रति केंद्र सरकार की संवेदनशीलता का प्रमाण है। मैं पिछले कई महीनों से इस मांग को लेकर रेल मंत्रालय के चक्कर काट रहा था, और आज मेरी मेहनत सफल हुई।”
उन्होंने आगे कहा कि उनका लक्ष्य गोरखपुर और आसपास के क्षेत्रों को देश के हर बड़े हिस्से से बेहतरीन कनेक्टिविटी के साथ जोड़ना है। इस खबर के बाद से ही गोरखपुर रेलवे स्टेशन और स्थानीय लोगों में जश्न का माहौल है। भारतीय रेलवे का यह कदम न केवल मुंबई और उत्तर प्रदेश के बीच के फासले को कम करेगा, बल्कि इससे क्षेत्र के आर्थिक विकास को भी गति मिलेगी। नियमित ट्रेन होने से अब व्यापारियों को अपना माल भेजने और छात्रों को समय पर परीक्षा केंद्रों तक पहुँचने में बड़ी मदद मिलेगी।










