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Join NowDelhi-Varanasi High Speed Rail: क्या आपने कभी सोचा है कि आप दिल्ली में सुबह का नाश्ता करें और दोपहर का लंच वाराणसी के घाटों पर? जी हां, अब यह सपना सच होने जा रहा है। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2026-27 में उत्तर प्रदेश के लिए एक ऐसा ‘महा-तोहफा’ दिया है, जिसकी चर्चा आज हर घर में हो रही है। दिल्ली से वाराणसी के बीच अब हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर (High-Speed Rail Corridor) बनेगा, जो सफर के मायने ही बदल देगा।
यह केवल एक घोषणा नहीं है, बल्कि यूपी और दिल्ली के बीच कनेक्टिविटी का एक नया अध्याय है। आइए विस्तार से समझते हैं कि इस प्रोजेक्ट के आने के बाद आपकी जिंदगी में क्या-क्या बदलने वाला है।
विमान की रफ़्तार और ट्रेन का सफर: 300 किमी प्रति घंटा
सरकार ने बजट में ऐलान किया है कि इस हाई-स्पीड रूट पर ट्रेनें 300 किमी प्रति घंटे की तूफानी रफ्तार से दौड़ेंगी। कल्पना कीजिए, दिल्ली से लखनऊ की दूरी जो अभी घंटों में तय होती है, वह महज 2 घंटे की रह जाएगी। वहीं, दिल्ली से वाराणसी का 790 किलोमीटर का सफर आप केवल 3 घंटे में पूरा कर लेंगे। यह किसी जादू से कम नहीं है….. UPI down: शनिवार सुबह बड़ा झटका! UPI फिर हुआ ठप, PhonePe, Google Pay यूजर्स की अटकीं सांसें, पेमेंट फेल होने से मचा हाहाकार!
किन-किन शहरों की चमकेगी किस्मत?
बजट 2026 में देश के भीतर कुल 7 नए हाई-स्पीड कॉरिडोर बनाने का प्रस्ताव रखा गया है। इसमें सबसे बड़ी बात यह है कि उत्तर प्रदेश के हिस्से में 2 बड़े कॉरिडोर आए हैं:
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दिल्ली से वाराणसी कॉरिडोर
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वाराणसी से सिलीगुड़ी कॉरिडोर
यह बुलेट ट्रेन जैसा अनुभव देने वाला रूट यूपी के सबसे प्रमुख औद्योगिक और धार्मिक केंद्रों को जोड़ेगा। इसमें गाज़ियाबाद, मुरादाबाद, बरेली, कानपुर, लखनऊ, अयोध्या और गोरखपुर जैसे शहरों को शामिल किया गया है। इससे न केवल पर्यटन बढ़ेगा, बल्कि व्यापार और नौकरी पेशा लोगों के लिए एक दिन में आना-जाना संभव हो जाएगा।
सालों का इंतजार अब हुआ खत्म
दिल्ली-वाराणसी हाई-स्पीड कॉरिडोर की योजना पर काम पिछले कई सालों से चल रहा था। दो साल पहले इसका प्रारंभिक सर्वे शुरू हुआ था, और अब सरकार ने इसके रोडमैप को आधिकारिक मंजूरी दे दी है। इस घोषणा के बाद से ही उत्तर प्रदेश के लोगों में भारी उत्साह देखा जा रहा है। विशेष रूप से अयोध्या और वाराणसी जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए यह किसी वरदान से कम नहीं है।
किराया और सुविधाएं: क्या यह आपकी जेब पर भारी पड़ेगा?
अब सवाल उठता है कि इस लग्जरी और सुपर-फास्ट सफर की कीमत क्या होगी? सूत्रों और मीडिया रिपोर्ट्स (जैसे अमर उजाला) के मुताबिक, हाई-स्पीड रेल का किराया हवाई जहाज के किराए के आसपास हो सकता है। अनुमान लगाया जा रहा है कि दिल्ली से लखनऊ के बीच का किराया ₹5,000 के आसपास रह सकता है। हालांकि, भविष्य में यात्रियों की संख्या और मांग को देखते हुए इसमें बदलाव भी संभव है। लेकिन समय की जो बचत होगी, वह इस किराए के मुकाबले कहीं ज्यादा कीमती साबित होगी।
यूपी बनेगा देश का ‘ग्रोथ इंजन’
इस हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर के जरिए दिल्ली से लखनऊ के बीच की दूरी एक-तिहाई घट जाएगी। इससे दिल्ली-एनसीआर में काम करने वाले लोग वीकेंड पर आसानी से अपने घर यूपी जा सकेंगे। यह प्रोजेक्ट उत्तर प्रदेश को भारत के ‘ग्रोथ इंजन’ के रूप में स्थापित करने में मील का पत्थर साबित होगा।










