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Join NowBudget 2026: रविवार, 1 फरवरी 2026 को पेश हुए आम बजट ने उत्तर प्रदेश के आम नागरिकों और छोटे शहर के निवासियों के चेहरे पर मुस्कान ला दी है। इस बार के बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने एक बहुत ही रणनीतिक बदलाव किया है। अब सरकार का फोकस केवल दिल्ली, मुंबई या लखनऊ जैसे महानगरों तक सीमित नहीं है, बल्कि सरकार की नजर अब उन छोटे और मझोले शहरों पर है, जिन्हें विकास की मुख्यधारा में शामिल होने का लंबे समय से इंतजार था।
उत्तर प्रदेश के लगभग 45 शहर ऐसे हैं, जिनकी सूरत अब पूरी तरह बदलने जा रही है। आइए विस्तार से जानते हैं कि बजट 2026 में यूपी के लिए क्या खास है और यह आपके शहर को कैसे प्रभावित करेगा।
छोटे शहरों के लिए ₹5000 करोड़ का मास्टरस्ट्रोक
बजट 2026 में केंद्र सरकार ने टियर-2 और टियर-3 शहरों के विकास के लिए ₹5000 करोड़ के अतिरिक्त आवंटन की घोषणा की है। जानकारों का अनुमान है कि इस राशि में से अकेले उत्तर प्रदेश के शहरों को करीब 900 करोड़ रुपये मिलने की उम्मीद है। यह फंड इन शहरों में विकास की रफ्तार को ‘एक्सप्रेसवे’ जैसी गति देगा।
पर्यटन और धार्मिक शहरों पर विशेष ध्यान
उत्तर प्रदेश अपनी सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत के लिए विश्व विख्यात है। बजट में खास तौर पर उन शहरों के बुनियादी ढांचे (Infrastructure) को मजबूत करने पर जोर दिया गया है जो पर्यटन से जुड़े हैं। इसमें अयोध्या जैसे धार्मिक केंद्र शीर्ष पर हैं। अयोध्या के साथ-साथ अन्य पर्यटन स्थलों पर सड़कों का चौड़ीकरण, बेहतर बिजली व्यवस्था और आधुनिक नागरिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
कौन-कौन से शहर होंगे लाभान्वित? (Tier-2 & Tier-3 List)
उत्तर प्रदेश के टियर-2 शहर:
इन शहरों में पहले से ही विकास की प्रक्रिया चल रही है, लेकिन अब इन्हें ‘महानगर’ की तर्ज पर विकसित किया जाएगा। सूची में शामिल हैं:
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लखनऊ, कानपुर, आगरा, वाराणसी, प्रयागराज, मेरठ, गाजियाबाद, नोएडा, गोरखपुर, बरेली, अलीगढ़, मुरादाबाद, सहारनपुर, झांसी और मथुरा।
उत्तर प्रदेश के टियर-3 शहर:
राज्य के करीब 30 जिले इस श्रेणी में चिन्हित किए गए हैं। इनमें पूर्वी यूपी के 9, पश्चिमी यूपी के 9, मध्य यूपी के 6 और बुंदेलखंड के 5 शहरों के साथ कुछ अन्य छोटे कस्बे शामिल हैं। इन इलाकों में पहली बार इतने बड़े स्तर पर शहरीकरण की योजना बनाई गई है।
सिर्फ सड़क ही नहीं, बिजली-पानी पर भी होगा काम
इस बजट का मुख्य उद्देश्य इन शहरों में ‘ईज ऑफ लिविंग’ (Ease of Living) को बढ़ाना है। आवंटित धनराशि से मुख्य रूप से इन क्षेत्रों में काम होगा:
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सड़क और परिवहन: शहरों के अंदर की खराब सड़कों की मरम्मत और ट्रैफिक जाम से मुक्ति के लिए नए फ्लाईओवर व चौराहों का सुधार।
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बिजली आपूर्ति: 24 घंटे बिजली सुनिश्चित करने के लिए नए सब-स्टेशन और स्मार्ट मीटरिंग।
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पेयजल और स्वच्छता: हर घर तक शुद्ध पानी की पहुंच और आधुनिक सीवरेज सिस्टम।
म्युनिसिपल बॉन्ड: अब नगर पालिकाएं खुद जुटाएंगी पैसा
बजट 2026 की एक और बड़ी क्रांतिकारी घोषणा म्युनिसिपल बॉन्ड (Municipal Bond) के दायरे का विस्तार है। अभी तक केवल बड़े नगर निगम ही बॉन्ड जारी कर सकते थे, लेकिन अब यूपी की 200 नगर पालिका परिषदें और 100 से ज्यादा नगर पंचायतें भी म्युनिसिपल बॉन्ड जारी कर सकेंगी। इसका मतलब है कि अब आपके छोटे शहर के स्थानीय निकाय अपने स्तर पर विकास कार्यों के लिए पैसा जुटा सकेंगे और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
बजट 2026 यह साफ संदेश देता है कि उत्तर प्रदेश का विकास अब केवल कागजों पर नहीं, बल्कि धरातल पर छोटे-छोटे कस्बों और मोहल्लों में दिखने वाला है। ₹900 करोड़ की यह संजीवनी यूपी के छोटे शहरों को ‘स्मार्ट सिटी’ की कतार में खड़ा कर देगी।











