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Join NowBihar Budget : बिहार की राजनीति में आज का दिन (2 फरवरी, सोमवार) बेहद नाटकीय और हलचल भरा रहा। बिहार विधानमंडल का बजट सत्र शुरू होते ही सबकी निगाहें एक ऐसी तस्वीर पर टिक गईं, जिसकी किसी ने कल्पना नहीं की थी। बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और राज्य के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव व्हीलचेयर पर बैठकर सदन पहुंचे।
जैसे ही तेजस्वी यादव को लोगों की मदद से व्हीलचेयर पर बैठकर विधानसभा के अंदर जाते देखा गया, पूरे सदन और मीडिया गलियारों में सवालों की झड़ी लग गई। हर कोई बस यही पूछ रहा था कि आखिर तेजस्वी यादव को क्या हुआ है? क्या उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई है या फिर कोई गंभीर हादसा हुआ है?
आखिर व्हीलचेयर पर क्यों आए तेजस्वी यादव?
तेजस्वी यादव की चोट को लेकर सस्पेंस ज्यादा देर तक नहीं रहा। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) की ओर से आधिकारिक जानकारी साझा की गई कि करीब 8-9 दिन पहले, यानी 25 जनवरी को तेजस्वी यादव के साथ एक हादसा हुआ था। चलते समय उन्हें ऐसी ठोकर लगी कि उनके पैर के अंगूठे का नाखून उखड़ गया। यह सुनने में भले ही छोटा लगे, लेकिन नाखून उखड़ने का दर्द असहनीय होता है और इन्फेक्शन के डर से डॉक्टर ने उन्हें फिलहाल व्हीलचेयर का इस्तेमाल करने और चिकित्सकीय देखरेख में रहने की सलाह दी है। अपने दर्द के बावजूद सदन की कार्यवाही में हिस्सा लेने पहुंचना उनके समर्थकों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।
NEET छात्रा मामले पर आरजेडी का ‘रणचंडी’ अवतार
सदन में केवल तेजस्वी की चोट ही चर्चा का विषय नहीं थी, बल्कि विपक्ष का गुस्सा भी सातवें आसमान पर था। आरजेडी के बड़े नेताओं ने साफ कर दिया है कि वे इस बजट सत्र को आसानी से नहीं चलने देंगे। इस हंगामे की सबसे बड़ी वजह है— एक NEET छात्रा की मौत का मामला।
आरजेडी नेता भाई वीरेंद्र ने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि वे सरकार की हर गलत नीति का जमकर विरोध करेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि एक होनहार NEET छात्रा के साथ जो घटना हुई है, उस पर सरकार पूरी तरह से असमंजस में है और असली गुनहगारों को बचाने की कोशिश कर रही है।
“सदन नहीं चलने देंगे” – विपक्ष की कड़ी चेतावनी
मामला तब और गंभीर हो गया जब आरजेडी के प्रधान महासचिव और विधायक रणविजय साहू ने कड़े शब्दों में चेतावनी दी। उन्होंने दावा किया कि जब तक मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सदन में इस मुद्दे पर अपनी चुप्पी नहीं तोड़ेंगे और सफाई नहीं देंगे, तब तक विपक्ष सदन की कार्यवाही नहीं चलने देगा।
आरजेडी नेताओं का गंभीर आरोप है कि इस घटना में सत्तारूढ़ एनडीए (NDA) के कुछ बड़े नेताओं के परिजनों का हाथ है। पार्टी का कहना है कि सीबीआई (CBI) जांच के नाम पर जनता को गुमराह किया जा रहा है और सबूतों के साथ लीपापोती की जा रही है। विपक्ष का कहना है कि यह केवल एक मौत नहीं, बल्कि बलात्कार और हत्या का जघन्य मामला है, जिसमें बिहार पुलिस पूरी तरह नाकाम साबित हुई है।
बिहार की राजनीति में आगे क्या?
बजट सत्र का पहला ही दिन इतना हंगामेदार रहा है, तो आने वाले दिनों में टकराव और बढ़ने की उम्मीद है। एक तरफ जहां सरकार बजट पेश कर विकास का रोडमैप तैयार करना चाहती है, वहीं विपक्ष ‘न्याय’ की मांग को लेकर सदन को अखाड़ा बनाने को तैयार है। तेजस्वी यादव का व्हीलचेयर पर आना न केवल उनके संघर्ष को दिखाता है, बल्कि यह भी संकेत देता है कि वे घायल होने के बावजूद सरकार को घेरने का कोई मौका नहीं छोड़ेंगे।











