Most Polluted City : दिल्ली से सटा ये छोटा सा इलाका बना ‘मौत का चैंबर

Published On: March 25, 2026
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Most Polluted City : अक्सर जब भी प्रदूषण की बात होती है, तो हमारे दिमाग में सबसे पहला नाम देश की राजधानी दिल्ली का आता है। सर्दियों की शुरुआत होते ही दिल्ली की ‘ज़हरीली हवा’ पूरी दुनिया में चर्चा का विषय बन जाती है। लेकिन हाल ही में आई एक अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट ने इस धारणा को पूरी तरह से बदल दिया है। स्विस कंपनी आईक्यू एयर (IQAir) की ‘वर्ल्ड एयर क्वालिटी रिपोर्ट 2025’ के चौंकाने वाले आंकड़ों ने सबको हैरान कर दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक, दुनिया का सबसे प्रदूषित शहर दिल्ली नहीं, बल्कि उसके ठीक बगल में बसा एक छोटा सा शहर है।

यूपी का ‘लोनी’ बना दुनिया का सबसे प्रदूषित शहर

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले में स्थित लोनी (Loni) को साल 2025 में दुनिया का सबसे प्रदूषित शहर घोषित किया गया है। लोनी, जो कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) का एक अहम हिस्सा है, प्रदूषण के मामले में अब दिल्ली से भी कहीं आगे निकल चुका है।

रिपोर्ट के अनुसार, लोनी में PM 2.5 का वार्षिक औसत स्तर 112.5 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज किया गया है। यह आंकड़ा डराने वाला इसलिए है क्योंकि यह विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा तय की गई सुरक्षित सीमा से 22 गुना ज्यादा है। पिछले साल के मुकाबले लोनी के प्रदूषण स्तर में करीब 23 प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी देखी गई है। दिल्ली के उत्तर-पूर्वी हिस्से से सटा होने के कारण, लोनी की यह ज़हरीली हवा पूरे एनसीआर के लोगों की सेहत के लिए ‘साइलेंट किलर’ का काम कर रही है।

क्या है PM 2.5 और यह इतना खतरनाक क्यों है?

शायद आप सोच रहे होंगे कि यह PM 2.5 आखिर क्या बला है? दरअसल, ये हवा में मौजूद वे सूक्ष्म कण होते हैं जिनका व्यास 2.5 माइक्रोमीटर से कम होता है। ये इतने छोटे होते हैं कि हमारी नाक के फिल्टर इन्हें रोक नहीं पाते और ये सीधे फेफड़ों के जरिए हमारे खून (Bloodstream) में मिल जाते हैं। लंबे समय तक ऐसी हवा में रहने से अस्थमा, फेफड़ों का कैंसर, दिल की बीमारियां और यहां तक कि ब्रेन स्ट्रोक का खतरा भी कई गुना बढ़ जाता है। WHO के मुताबिक, स्वस्थ जीवन के लिए इसका स्तर मात्र 5 माइक्रोग्राम होना चाहिए, लेकिन लोनी में यह 112.5 तक पहुँच गया है।

दिल्ली और भारत के अन्य शहरों का क्या है हाल?

हालांकि दिल्ली दुनिया का सबसे प्रदूषित शहर नहीं रही, लेकिन राहत की कोई बात नहीं है। रिपोर्ट में नई दिल्ली को अभी भी दुनिया की सबसे प्रदूषित राजधानी बताया गया है। वहीं, दुनिया के सबसे प्रदूषित शहरों की सूची में दिल्ली चौथे स्थान पर है। हैरानी की बात यह है कि इस लिस्ट में तीसरे नंबर पर भारत का ही बर्नीहाट (Meghalaya/Assam border) शहर है। रिपोर्ट से यह साफ होता है कि दुनिया के टॉप-5 सबसे प्रदूषित शहरों में भारत का दबदबा बना हुआ है।

भारत: दुनिया का छठा सबसे प्रदूषित देश

ग्लोबल रैंकिंग की बात करें तो भारत दुनिया का छठा सबसे प्रदूषित देश बन चुका है। भारत में प्रदूषण का औसत स्तर WHO के मानकों से 10 गुना अधिक है।
दुनिया के 25 सबसे प्रदूषित शहरों की सूची देखें तो इसमें भारत, पाकिस्तान और चीन के शहरों की संख्या सबसे ज्यादा है। दुनिया के सबसे प्रदूषित देशों में पाकिस्तान पहले स्थान पर है, उसके बाद बांग्लादेश और फिर ताजिकिस्तान का नंबर आता है।

आखिर लोनी और दिल्ली में क्यों बढ़ रहा है प्रदूषण?

रिपोर्ट में प्रदूषण बढ़ने के कई बड़े कारण बताए गए हैं:

  1. औद्योगिक इकाइयां: लोनी और आसपास के इलाकों में अवैध और वैध फैक्ट्रियों से निकलने वाला धुआं।

  2. भारी वाहनों का दबाव: दिल्ली-एनसीआर में ट्रकों और भारी वाहनों की आवाजाही।

  3. ईंट-भट्ठे: गाजियाबाद और आसपास के ग्रामीण इलाकों में चलने वाले ईंट-भट्ठे।

  4. भौगोलिक स्थिति: सर्दियों में हवा की गति धीमी हो जाती है, जिससे प्रदूषित कण जमीन के करीब ही जम जाते हैं।

  5. पराली का धुंआ: पंजाब और हरियाणा में पराली जलाने का असर आज भी एक बड़ी चुनौती बना हुआ है।

IQAir की 2025 की रिपोर्ट एक चेतावनी है। दुनिया के केवल 14 प्रतिशत शहर ही सुरक्षित हवा के मानकों पर खरे उतरे हैं। अगर समय रहते कड़े कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाली पीढ़ियों के लिए शुद्ध हवा सिर्फ किताबों की बात बनकर रह जाएगी। लोनी का नंबर-1 पर आना यह दर्शाता है कि अब प्रदूषण केवल बड़े महानगरों की समस्या नहीं रही, बल्कि छोटे शहर भी इसकी चपेट में हैं।

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