North Korea : क्या उत्तर कोरिया को मिल गया है अपना नया सुल्तान? •

North Korea : पूरी दुनिया जहाँ नए साल का जश्न मना रही थी, वहीं उत्तर कोरिया की राजधानी प्योंगयांग (Pyongyang) में एक ऐसी घटना घट रही थी, जिसने अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा विशेषज्ञों की नींद उड़ा दी है। उत्तर कोरिया के क्रूर तानाशाह किम जोंग उन (Kim Jong Un) अपनी बेटी किम जू ए (Kim Ju Ae) के साथ उस स्थान पर नज़र आए, जिसे इस देश का सबसे पवित्र और महत्वपूर्ण राजनीतिक स्थल माना जाता है—कुमुससान पैलेस ऑफ द सन (Kumsusan Palace of the Sun)

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कौन है ये छोटी लड़की और क्यों कांप रही है दुनिया?
किम जू ए की उम्र महज 12-13 साल के करीब मानी जाती है। लेकिन, पिछले तीन सालों में जिस तरह उसे बड़े मिलिट्री ऑपरेशन्स, मिसाइल लॉन्च और अब पूर्व तानाशाहों के मकबरों पर ले जाया जा रहा है, वह एक बड़े खतरे का संकेत है। वह अपने पिता किम जोंग उन की लाड़ली ही नहीं, बल्कि उत्तर कोरिया की चौथी पीढ़ी (Fourth Generation Leader) की संभावित उत्तराधिकारी मानी जा रही है।

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मकबरे का दौरा: विरासत और सत्ता का खूनी नैरेटिव
सरकारी मीडिया (KCNA) द्वारा जारी तस्वीरों में किम जू ए को 1 जनवरी को अपने माता-पिता के साथ देखा गया। यह कोई मामूली दौरा नहीं था। वह अपने दादा किम जोंग इल और परदादा किम इल सुंग (उत्तर कोरिया के संस्थापक) के पार्थिव अवशेषों के सामने श्रद्धासुमन अर्पित कर रही थी।

जानकार बताते हैं कि उत्तर कोरिया में ‘पैक्टु ब्लडलाइन’ (Paektu Bloodline) का बहुत बड़ा महत्व है। यहाँ सत्ता केवल उसी के पास रह सकती है जिसमें इस परिवार का खून हो। जू ए को यहाँ लाकर किम जोंग उन ने दुनिया और अपनी जनता को यह साफ संदेश दे दिया है कि उनके बाद सत्ता की चाबी इसी नन्ही लड़की के हाथों में होगी।

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विशेषज्ञों की राय: ‘गेम ओवर’ की तैयारी?
सेजोंग इंस्टीट्यूट के विश्लेषक चेओंग सोंग-चांग का मानना है कि यह दौरा वर्कर्स पार्टी कांग्रेस से पहले की एक सुनियोजित चाल है। वहाँ शायद औपचारिक रूप से किम जू ए को वारिस घोषित किया जा सकता है। दक्षिण कोरिया की खुफिया एजेंसियां भी इस बात पर मुहर लगा चुकी हैं कि जिस सम्मान के साथ सेना के बड़े जनरल इस बच्ची को सलाम करते हैं, वह साफ़ इशारा है कि भविष्य का परमाणु बटन (Nuclear Button) इसी के पास रहने वाला है।

एक ‘आदर्श परिवार’ का छलावा?
कोरिया इंस्टीट्यूट फॉर नेशनल यूनिफिकेशन के मुताबिक, तानाशाह अब अपनी छवि बदलने की कोशिश कर रहा है। वह अपनी पत्नी री सोल जू और बेटी के साथ सार्वजनिक जगहों पर आकर यह दिखाना चाहता है कि उसका शासन स्थिर है और परिवार के भीतर कोई आंतरिक कलह नहीं है। लेकिन इस मुस्कराहट के पीछे छिपे घातक हथियारों और दमनकारी नीतियों को दुनिया अच्छे से जानती है।

अब बड़ा सवाल यह है कि क्या दुनिया एक और तानाशाह को स्वीकार करने के लिए तैयार है? क्या किम जू ए अपने पिता से भी ज्यादा खतरनाक साबित होगी? यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा, लेकिन प्योंगयांग की इन ताजा तस्वीरों ने नए साल की शुरुआत में ही ‘सस्पेंस और थ्रिलर’ का जबरदस्त डोस दे दिया है।

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