Mexico’s first female president: अगर मेरे साथ ये हो सकता है, तो आम लड़की का क्या?- जब अपने ही देश में असुरक्षित हुईं राष्ट्रपति, छलका दर्द

Published On: November 6, 2025
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Mexico's first female president: अगर मेरे साथ ये हो सकता है, तो आम लड़की का क्या?- जब अपने ही देश में असुरक्षित हुईं राष्ट्रपति, छलका दर्द

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Mexico’s first female president: मेक्सिको में इन दिनों महिलाओं की सुरक्षा का मुद्दा अंतरराष्ट्रीय सुर्खियों में है। वजह है एक चौंकाने वाला वीडियो, जो सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल गया। इस वीडियो में देश की पहली महिला राष्ट्रपति, क्लाउडिया शेनबॉम के साथ एक शख्स सरेआम छेड़छाड़ करता और उन्हें जबरन चूमने की कोशिश करता हुआ दिखाई दे रहा है। यह शर्मनाक घटना उस वक्त हुई जब वह राजधानी मेक्सिको सिटी में अपनी बैठकों के बीच पैदल जा रही थीं।

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इस घटना ने न केवल मेक्सिको, बल्कि पूरी दुनिया को झकझोर कर रख दिया है। यह मामला सिर्फ एक व्यक्ति के हमले का नहीं, बल्कि एक देश की सर्वोच्च नेता की सुरक्षा में चूक और वहां की गहरी जड़ें जमा चुकी ‘माचो संस्कृति’ (Macho Culture) पर एक गंभीर सवालिया निशान है।

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क्या हुआ था उस दिन?

यह घटना मंगलवार को मेक्सिको सिटी के ऐतिहासिक इलाके में उस समय घटी जब राष्ट्रपति शेनबॉम राष्ट्रीय महल से शिक्षा मंत्रालय की ओर पैदल जा रही थीं। वायरल हुए वीडियो फुटेज में साफ तौर पर दिख रहा है कि एक मध्यम आयु का व्यक्ति अचानक उनके करीब आता है, उन्हें गलत तरीके से छूता है और उनके चेहरे पर किस करने की कोशिश करता है। राष्ट्रपति शेनबॉम ने तुरंत खुद को बचाते हुए उस शख्स का हाथ झटक दिया, जिसके बाद उनके स्टाफ ने बीच-बचाव किया। हैरानी की बात यह है कि उस वक्त उनकी मुख्य सुरक्षा टीम कुछ दूरी पर थी। बाद में यह बताया गया कि आरोपी व्यक्ति नशे की हालत में था।

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राष्ट्रपति का दमदार बयान: “आम युवतियों की सुरक्षा कहां है?”

इस हमले के बाद राष्ट्रपति क्लाउडिया ने एक बेहद शक्तिशाली कदम उठाया और पुलिस में आधिकारिक शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए एक ऐसा सवाल पूछा जो हर किसी के दिल में उतर गया: “अगर यह देश की राष्ट्रपति के साथ हो सकता है, तो फिर आम युवतियों की सुरक्षा कहां है? किसी भी पुरुष को यह अधिकार नहीं है कि वह किसी महिला की निजी सीमा का उल्लंघन करे।”

इस घटना के बाद भी उन्होंने अपनी सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी तरह के बदलाव से इनकार कर दिया। उन्होंने दृढ़ता से कहा, “मैं जनता के बीच में रहना चाहती हूं। इसलिए व्यवस्थाओं में कोई तब्दीली नहीं की जाएगी।” उनका यह बयान उनकी बहादुरी और जनता से जुड़कर रहने की उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

‘री-विक्टिमाइजेशन’ पर मीडिया को लगाई फटकार

राष्ट्रपति क्लाउडिया ने इस मुद्दे को एक और गंभीर दिशा दी, जब उन्होंने मेक्सिको के प्रमुख अखबार ‘रिफोर्मा’ की ‘री-विक्टिमाइजेशन’ (Re-victimization) यानी पीड़िता को दोबारा पीड़ित करने के लिए कड़ी आलोचना की। अखबार ने इस घटना की तस्वीर को अपने फ्रंट पेज पर छापा था, जिसे राष्ट्रपति ने पत्रकारिता की नैतिकता का उल्लंघन बताया।

क्लाउडिया ने कहा, “किसी भी अख़बार द्वारा ऐसी तस्वीरें प्रकाशित करना भी एक अपराध है। मैं उस अख़बार से सार्वजनिक माफी की उम्मीद करती हूं।” इस घटना ने मीडिया की जिम्मेदारी पर भी एक नई बहस छेड़ दी है।

मेक्सिको में महिलाओं के खिलाफ हिंसा: एक भयावह सच

यह घटना मेक्सिको में महिलाओं के खिलाफ हिंसा की भयावह हकीकत को उजागर करती है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, केवल 2024 में ही 821 महिलाओं की हत्या (femicide) के मामले दर्ज हुए थे, जबकि इस साल सितंबर तक यह आंकड़ा 501 तक पहुंच चुका है। विशेषज्ञों का मानना है कि असल संख्या इससे कहीं ज्यादा है, क्योंकि कई मामले तो रिपोर्ट ही नहीं होते।

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इस घटना के बाद कई नारीवादी संगठनों ने शेनबॉम पर भी सवाल उठाए हैं, जिनका कहना है कि राष्ट्रपति ने पहले महिलाओं के खिलाफ हिंसा रोकने के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठाए हैं।

कड़े कानून की मांग और आरोपी की गिरफ्तारी

इस राष्ट्रीय मुद्दे पर राष्ट्रपति शेनबॉम ने यौन उत्पीड़न (Sexual Harassment) को एक सख्त अपराध की श्रेणी में रखने की मांग की है। उन्होंने महिला मंत्रालय को देश के सभी राज्यों के कानूनी प्रावधानों की समीक्षा करने का निर्देश दिया है, क्योंकि वर्तमान में मेक्सिको के लगभग आधे राज्यों में ही यौन उत्पीड़न को कानूनी तौर पर अपराध माना जाता है।

स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, हमले के आरोपी की पहचान उरिएल रिवेरा के रूप में हुई है, जिसे पुलिस ने मंगलवार रात को गिरफ्तार कर लिया है। यह घटना अब मेक्सिको में महिलाओं के अधिकारों और सुरक्षा पर एक राष्ट्रव्यापी बहस का केंद्र बन गई है।


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