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Join NowCM Yogi Adityanath: उत्तर प्रदेश में पिछले काफी समय से बिजली के स्मार्ट मीटर (Smart Meter) को लेकर उपभोक्ताओं के बीच भारी नाराजगी देखी जा रही थी। कभी तेज भागता मीटर, तो कभी बिना किसी सूचना के कनेक्शन कट जाने जैसी शिकायतों ने आम जनता की नाक में दम कर रखा था। लेकिन अब, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने इस मामले का खुद संज्ञान लिया है और बिजली विभाग के अधिकारियों को ऐसी फटकार लगाई है कि पूरे महकमे में हड़कंप मच गया है।
Uttar Pradesh Government: कैसे बदली उत्तर प्रदेश के करोड़ों वंचितों की तकदीर?
विशेषज्ञ समिति करेगी ‘दूध का दूध और पानी का पानी’
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को बिजली विभाग के आला अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। इस बैठक में उन्होंने साफ़ तौर पर कहा कि स्मार्ट मीटर से जुड़ी शिकायतों को हल्के में नहीं लिया जा सकता। सीएम ने तुरंत एक विशेषज्ञ समिति (Expert Committee) बनाने के निर्देश दिए हैं जो स्मार्ट मीटर से जुड़ी हर तकनीकी खराबी और उपभोक्ताओं की शिकायतों की गहराई से जांच करेगी। योगी सरकार का लक्ष्य है कि तकनीक का इस्तेमाल जनता की सुविधा के लिए हो, न कि उन्हें परेशान करने के लिए।
“आम उपभोक्ता ईमानदार है, उसे प्रताड़ित न करें”
बैठक के दौरान सीएम योगी का एक मानवीय चेहरा भी सामने आया। उन्होंने अधिकारियों को दो टूक शब्दों में कहा, “हमारा आम उपभोक्ता स्वभाविक रूप से ईमानदार होता है। अगर उसे सही बिल दिया जाए, तो वह समय पर भुगतान करने में कभी पीछे नहीं हटता।” उन्होंने सख्त निर्देश दिए कि बिजली विभाग बिना किसी ठोस गलती के किसी भी गरीब या आम आदमी का बिजली कनेक्शन (Electricity Connection) न काटे। यह बयान उन लाखों उपभोक्ताओं के लिए बड़ी राहत बनकर आया है जो आए दिन बिजली कटने के डर के साये में रहते थे।
ऊर्जा मंत्री और MD अब निकलेंगे ‘फील्ड’ पर
सिर्फ आदेश ही नहीं, बल्कि जवाबदेही भी तय की गई है। मुख्यमंत्री ने ऊर्जा मंत्री (Energy Minister) और उत्तर प्रदेश पॉवर कॉर्पोरेशन (UPPCL) के प्रबंध निदेशक (MD) को निर्देश दिए हैं कि वे केवल दफ्तरों में न बैठें, बल्कि जमीन पर उतरें। वे फील्ड का दौरा करें और सीधे उपभोक्ताओं से मिलकर उनकी समस्याओं का समाधान सुनिश्चित कराएं। इसके साथ ही, विभाग के हेल्पलाइन नंबरों को पूरी तरह एक्टिव रखने और शिकायतों का त्वरित निस्तारण करने का आदेश भी दिया गया है।
भीषण गर्मी और बिजली आपूर्ति की तैयारी
जैसे-जैसे पारा चढ़ रहा है, बिजली की मांग भी बढ़ रही है। सीएम योगी ने गर्मी के मौसम में निर्बाध बिजली आपूर्ति (Uninterrupted Power Supply) सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि पीक डिमांड के दौरान किसी भी तरह की कटौती नहीं होनी चाहिए। साथ ही, कृषि फीडरों को अलग करने का काम समय पर पूरा करने को कहा गया है ताकि किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त बिजली मिल सके।
विजिलेंस और ट्रांसफार्मर पर सख्त निर्देश
अक्सर देखा जाता है कि विजिलेंस की छापेमारी के नाम पर आम आदमी को डराया जाता है। इस पर लगाम लगाते हुए सीएम ने कहा कि विजिलेंस ऐसी कोई कार्रवाई न करे जिससे आम आदमी परेशान हो। इसके अलावा, जले हुए ट्रांसफार्मर बदलने (Transformer Replacement) की प्रक्रिया में भी तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि जहाँ 5 आवास वाले छोटे मजरे (टोले) हैं, वहां भी विद्युतीकरण का काम जल्द से जल्द पूरा किया जाए। योगी सरकार का यह कदम बिजली विभाग में पारदर्शिता लाने और ‘डिजिटल लूट’ की शिकायतों को खत्म करने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित हो सकता है। अब देखना यह होगा कि मुख्यमंत्री के इन कड़े निर्देशों के बाद बिजली विभाग के कामकाज में कितनी तेजी और ईमानदारी आती है।










