जंतर-मंतर पर नीट प्रदर्शनकारियों को खाना खिलाने वाले मोहम्मद जुनैद का इंटरव्यू: बताया किसने की उनकी मदद

नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट (NEET-UG) पेपर लीक मामले को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और छात्रों का अनिश्चितकालीन आंदोलन लगातार जारी है। इस भीषण गर्मी और उमस के बीच देश के कोने-कोने से आए इन आंदोलनकारी छात्रों की मदद के लिए एक स्थानीय नागरिक मोहम्मद जुनैद (Mohammad Junaid) देवदूत बनकर सामने आए हैं। मोहम्मद जुनैद पिछले कई दिनों से जंतर-मंतर पर डटे छात्रों और प्रदर्शनकारियों को मुफ्त भोजन और पानी वितरित कर रहे हैं। विशेष बातचीत में जुनैद ने बताया कि इस मानवीय कार्य को शुरू करने के पीछे उनकी क्या प्रेरणा थी और समाज के किन लोगों ने इस नेक काम में उनकी मदद की है।

‘बच्चों को भूखा देखकर मुझसे रहा नहीं गया’ – मोहम्मद जुनैद

जंतर-मंतर पर बातचीत करते हुए मोहम्मद जुनैद काफी भावुक हो गए। उन्होंने बताया कि जब उन्होंने देखा कि देश के अलग-अलग राज्यों से आए छात्र नीट धांधली के खिलाफ जंतर-मंतर पर धूप और बारिश के बीच संघर्ष कर रहे हैं, तो वे खुद को रोक नहीं पाए। जुनैद ने कहा, “ये बच्चे हमारे देश का भविष्य हैं। जब ये बच्चे अपने अधिकारों और एक साफ-सुथरी व्यवस्था के लिए इस कठिन मौसम में सड़कों पर बैठे हैं, तो हमारा भी यह फर्ज बनता है कि हम इनका साथ दें। मुझसे यह बर्दाश्त नहीं हुआ कि हमारे देश के नौजवान यहाँ भूखे-प्यासे रहकर आंदोलन करें।”

शुरुआत अकेले की थी, फिर लोगों ने बढ़ाए मदद के हाथ

इस बात पर प्रकाश डालते हुए कि इस बड़े काम में उनकी मदद किसने की, मोहम्मद जुनैद ने बताया कि उन्होंने इस मुहिम की शुरुआत अकेले ही अपने सीमित संसाधनों से की थी। उन्होंने पहले दिन खुद अपने हाथों से खाना बनाकर कुछ दर्जन छात्रों को बांटा था। लेकिन जैसे ही जंतर-मंतर पर मौजूद अन्य लोगों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों को इस बारे में पता चला, वे भी जुनैद की मदद के लिए आगे आ गए।

जुनैद ने कहा, “शुरुआत मैंने अकेले की थी, लेकिन अब कई नेक लोग इसमें सहयोग कर रहे हैं। कोई सब्जियां लाकर दे रहा है, तो कोई राशन और मसालों की व्यवस्था कर रहा है। कुछ लोगों ने वित्तीय मदद भी की है ताकि रोजाना सैकड़ों छात्रों के लिए ताजा और गर्म भोजन तैयार किया जा सके। यह पूरी दिल्ली और समाज की सामूहिक शक्ति का नतीजा है।”

कठिन परिस्थितियों में आंदोलन कर रहे छात्रों को मिला संबल

जंतर-मंतर पर चल रहे कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के इस आंदोलन में शामिल होने आए कई छात्र आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से संबंध रखते हैं। दूरदराज के इलाकों से आने के कारण उनके पास दिल्ली में रहने और खाने के लिए पर्याप्त पैसे नहीं हैं। ऐसे में मोहम्मद जुनैद द्वारा चलाया जा रहा यह लंगर इन छात्रों के लिए एक बड़ा संबल बन गया है।

आंदोलनकारी छात्रों ने जुनैद का आभार जताते हुए कहा कि ऐसे संवेदनशील लोगों की वजह से ही उन्हें इस कठिन लड़ाई को जारी रखने का हौसला मिल रहा है। पेपर लीक और भ्रष्टाचार के खिलाफ न्याय की मांग को लेकर डटे इन युवाओं के लिए यह भोजन केवल पेट भरने का साधन नहीं, बल्कि समाज के समर्थन का एक बड़ा प्रतीक बन गया है।

FAQ:
Q1: मोहम्मद जुनैद कौन हैं और वे जंतर-मंतर पर क्या कर रहे हैं?
A1: मोहम्मद जुनैद दिल्ली के एक स्थानीय नागरिक और स्वयंसेवक हैं, जो जंतर-मंतर पर नीट परीक्षा अनियमितताओं के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों को रोजाना मुफ्त भोजन और पानी वितरित कर रहे हैं।

Q2: छात्रों को भोजन बांटने के इस नेक काम में मोहम्मद जुनैद की किसने मदद की?
A2: जुनैद ने इस मुहिम की शुरुआत अकेले अपने दम पर की थी, लेकिन बाद में आम नागरिकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और अन्य स्वयंसेवकों ने राशन, सब्जियां और वित्तीय सहायता देकर इस काम में उनकी मदद की।

Q3: प्रदर्शनकारी छात्रों ने मोहम्मद जुनैद की इस सेवा पर क्या प्रतिक्रिया दी है?
A3: छात्रों ने जुनैद के प्रति गहरी कृतज्ञता व्यक्त की है। उनका कहना है कि दूरदराज के राज्यों से आने के कारण उनके पास भोजन और रहने के पर्याप्त साधन नहीं थे, और जुनैद की इस सेवा से उन्हें अपनी लड़ाई जारी रखने का बड़ा हौसला मिला है।

Related Articles

Latest Articles