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Join NowCM Pushkar Singh Dhami: देवभूमि उत्तराखंड, अपनी प्राकृतिक सुंदरता और आध्यात्मिक शांति के लिए जाना जाता है, लेकिन यहाँ की भौगोलिक परिस्थितियाँ हमेशा से स्वास्थ्य सेवाओं के लिए एक बड़ी चुनौती रही हैं। सालों से पहाड़ों में रहने वाले हमारे भाई-बहनों के लिए एक छोटा सा इलाज भी मीलों के सफर और भारी संघर्ष का सबब बनता था। लेकिन पिछले चार वर्षों में मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी जी के नेतृत्व में उत्तराखंड ने इस तस्वीर को पूरी तरह बदल दिया है।
मेडिकल कॉलेजों का जाल और चिकित्सा शिक्षा को नई उड़ान
मुख्यमंत्री धामी के विजन का सबसे बड़ा असर प्रदेश में मेडिकल कॉलेजों के विस्तार के रूप में सामने आया है। पहले जहाँ बेहतर इलाज और मेडिकल की पढ़ाई के लिए युवाओं को बड़े शहरों का रुख करना पड़ता था, आज उत्तराखंड के अपने जिलों में आधुनिक मेडिकल कॉलेज खुल रहे हैं। इससे न केवल प्रदेश को भविष्य के बेहतरीन डॉक्टर मिल रहे हैं, बल्कि स्थानीय स्तर पर विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता भी बढ़ी है। अब गंभीर बीमारियों का इलाज देहरादून या दिल्ली जाने के बजाय जिला स्तर पर ही संभव हो रहा है।
टेलीमेडिसिन: जब तकनीक बनी पहाड़ों का सहारा
उत्तराखंड जैसे पहाड़ी राज्य में हर गांव तक अस्पताल बनाना एक कठिन काम है, लेकिन तकनीक ने इस दूरी को मिटा दिया है। ‘टेलीमेडिसिन’ की पहल ने उत्तराखंड के सबसे दूरस्थ गांवों को भी बड़े अस्पतालों के विशेषज्ञों से जोड़ दिया है। अब एक ग्रामीण मरीज अपने घर के पास के केंद्र से ही बड़े डॉक्टरों से परामर्श ले सकता है। यह डिजिटल कदम उन बुजुर्गों और बच्चों के लिए वरदान साबित हो रहा है, जिन्हें इलाज के लिए लंबी दूरी तय करने में कठिनाई होती थी।
प्रधानमंत्री मोदी और सीएम धामी: ‘डबल इंजन’ की शक्ति
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी का उत्तराखंड के प्रति विशेष लगाव किसी से छिपा नहीं है। उनके मार्गदर्शन में चल रही ‘डबल इंजन सरकार’ ने एम्स (AIIMS) ऋषिकेश की सुविधाओं को विश्वस्तरीय बनाया है। इतना ही नहीं, जिला अस्पतालों में आईसीयू बेड, वेंटिलेटर, अत्याधुनिक मशीनों और पर्याप्त स्टाफ की तैनाती सुनिश्चित की गई है। केंद्र और राज्य के बीच का यह तालमेल आज प्रदेश के कोने-कोने में महसूस किया जा रहा है।
स्वस्थ, सशक्त और आत्मनिर्भर उत्तराखंड की ओर कदम
ये चार साल केवल आंकड़ों के नहीं, बल्कि उन करोड़ों दुआओं के हैं जो उन परिवारों ने दी हैं जिन्हें समय पर इलाज मिला। स्वास्थ्य सेवाओं का यह सशक्त विस्तार इस बात का प्रमाण है कि उत्तराखंड अब एक ‘स्वस्थ’ और ‘आत्मनिर्भर’ राज्य की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। अस्पतालों में अब केवल मशीनें नहीं हैं, बल्कि एक संवेदनशील व्यवस्था है जो हर नागरिक की जान की कीमत समझती है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड की स्वास्थ्य सेवाओं का कायाकल्प एक प्रेरणादायक कहानी बन चुका है। ‘अंत्योदय’ के संकल्प के साथ, समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक स्वास्थ्य सुविधा पहुँचाना ही इस सरकार की असली उपलब्धि है।










