Rajasthan Police SI Exam Cancelled: हाईकोर्ट ने पेपर लीक मामले में रद्द की भर्ती परीक्षा, RPSC की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल

Rajasthan Police SI Exam Cancelled: राजस्थान हाईकोर्ट ने 2021 की पुलिस उपनिरीक्षक (SI) भर्ती परीक्षा को पेपर लीक मामले में रद्द कर दिया। जानिए कोर्ट के फैसले का असर, RPSC की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल और नई भर्ती की जानकारी।

राजस्थान हाईकोर्ट ने 2021 में आयोजित पुलिस उपनिरीक्षक (SI) भर्ती परीक्षा को पेपर लीक मामले के कारण रद्द कर दिया है। जस्टिस समीर जैन की एकलपीठ ने कैलाश चंद और अन्य की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह महत्वपूर्ण आदेश जारी किया।

कोर्ट ने न केवल भर्ती परीक्षा को अवैध घोषित किया, बल्कि राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल उठाए। हाईकोर्ट ने स्वत: संज्ञान लेते हुए आरपीएससी की प्रक्रियाओं में खामियों को उजागर किया और इस मामले को जनहित याचिका के रूप में सुनवाई के लिए मुख्य न्यायाधीश के समक्ष भेजने का निर्णय लिया।

यह फैसला राजस्थान में भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है। कोर्ट के इस आदेश से अभ्यर्थियों में मिश्रित प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं, जहां कुछ इसे न्याय की जीत मान रहे हैं, वहीं अन्य नई भर्ती प्रक्रिया की प्रतीक्षा में हैं।


पूरा मामला

आरपीएससी ने सब इंस्पेक्टर (SI) और प्लाटून कमांडर के 859 पदों के लिए परीक्षा आयोजित की थी, जो 13, 14 और 15 सितंबर 2021 को तीन दिनों तक चली। लाखों अभ्यर्थियों ने इस परीक्षा में भाग लिया, लेकिन जल्द ही यह पेपर लीक घोटाले का शिकार हो गई।

लीक का मुख्य केंद्र जयपुर के हसनपुरा क्षेत्र के शांति नगर स्थित रवींद्र बाल भारती सीनियर सेकेंडरी स्कूल था। स्कूल के प्रिंसिपल और परीक्षा केंद्र के अधीक्षक राजेश खंडेलवाल की मुख्य भूमिका सामने आई। जगदीश और ग्रेड थर्ड टीचर राजेंद्र यादव ने राजेश को 10 लाख रुपये का लालच देकर पेपर लीक करवाया।

राजेश ने विवेक उर्फ यूनिक को स्ट्रॉन्ग रूम में छिपा दिया, जहां से यूनिक ने लिफाफे में चीरा लगाकर पेपर की फोटो खींची और व्हाट्सएप पर जगदीश को भेजी। इस घोटाले ने भर्ती प्रक्रिया पर गहरा सवाल खड़े कर दिए।

घोटाले का खुलासा होने के बाद लंबी जांच चली, लेकिन 2023 में नई सरकार बनने के बाद कार्रवाई तेज हुई। सरकार ने पेपर लीक की जांच के लिए SIT गठित की। मार्च 2024 से गिरफ्तारियों का सिलसिला शुरू हुआ।

SOG ने कई आरोपी—जिसमें ट्रेनी एसआई और आरपीएससी के पूर्व सदस्य जैसे रामूराम रायका, बाबूलाल कटारा शामिल थे—को गिरफ्तार किया। कुल 50 से अधिक लोग गिरफ्तार हुए, जिनमें 33 ट्रेनी एसआई थे।


कोर्ट का निर्णय और आदेश

18 नवंबर 2024 को ट्रेनिंग ले रहे पासिंग आउट परेड और नियुक्ति पर रोक लगा दी गई। नवंबर 2024 में कुल 25 ट्रेनी एसआई को जमानत मिली, लेकिन मामला अभी भी कोर्ट में लंबित है।

इस कांड ने RPSC की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए, जिसमें प्रक्रियाओं में अनियमितताएं, निजी स्कूलों को परीक्षा केंद्र बनाने और सदस्यों की संलिप्तता शामिल है। हाईकोर्ट ने मामले को जनहित याचिका के रूप में लिया और परीक्षा रद्द करने का ऐतिहासिक कदम उठाया।

कोर्ट ने यह भी कहा कि भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित होना चाहिए। इस घटना ने राजस्थान में भर्ती परीक्षाओं की विश्वसनीयता पर बड़ा धब्बा डाला।


अभ्यर्थियों पर प्रभाव

2021 की SI भर्ती परीक्षा रद्द होने से 859 पदों पर भर्ती की प्रक्रिया प्रभावित हुई। अभ्यर्थियों में मिश्रित प्रतिक्रिया देखी जा रही है:

  • कुछ अभ्यर्थियों ने इसे न्याय की जीत बताया

  • कई उम्मीदवार नई भर्ती प्रक्रिया की उम्मीद में प्रतीक्षा कर रहे हैं

RPSC ने नई SI भर्ती के लिए 1015 पदों की विज्ञप्ति जारी की है। आवेदन की अंतिम तिथि 8 सितंबर 2025 निर्धारित की गई है। हालांकि, 2021 की रद्द हुई भर्ती के 859 पदों का भविष्य अनिश्चित है।

राज्य सरकार ने पहले हाईकोर्ट में यह रुख अपनाया था कि परीक्षा को रद्द करना जल्दबाजी होगी। लेकिन SIT और पुलिस मुख्यालय ने परीक्षा रद्द करने की सिफारिश की थी।


भविष्य की संभावना

अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सरकार 2021 की भर्ती के पदों के लिए क्या कदम उठाती है:

  1. क्या इन पदों को नई भर्ती में जोड़ा जाएगा?

  2. या इसके लिए अलग से निरंतर परीक्षा आयोजित की जाएगी?

  3. उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे RPSC की आधिकारिक वेबसाइट पर नवीनतम अपडेट के लिए नजर बनाए रखें।

राजस्थान हाईकोर्ट का यह निर्णय भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता के लिए ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है।

  • 2021 की SI परीक्षा पेपर लीक के कारण रद्द हुई

  • RPSC की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठे

  • नई SI भर्ती के लिए 1015 पदों की घोषणा हुई

  • अभ्यर्थियों को सरकारी अपडेट्स पर ध्यान रखना चाहिए

यह घटना राजस्थान में भर्ती परीक्षाओं की विश्वसनीयता पर बड़ा धब्बा है, लेकिन कोर्ट का निर्णय भविष्य में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा।

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