Equity Investments:
फोकस कीवर्ड: शेयर बाजार निवेश विकल्प
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मेटा विवरण: शेयर बाजार में निवेश अगली पीढ़ी के अमीर भारतीयों की पहली पसंद बन रहा है। जानिए, क्यों युवा हाई नेटवर्थ इंडिविजुअल्स (HNWI) इक्विटी को प्राथमिकता दे रहे हैं।
ऑल्ट टेक्स्ट: शेयर बाजार में निवेश करने वाले युवा भारतीय
शेयर बाजार की बढ़ती लोकप्रियता
भारत की अगली पीढ़ी के हाई नेटवर्थ इंडिविजुअल्स (HNWI) के बीच इक्विटी निवेश सबसे पसंदीदा निवेश विकल्प बनता जा रहा है। नाइट फ्रैंक की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, 23% अमीर युवा भारतीय शेयरों को प्राथमिक निवेश मानते हैं। इसके बाद 22% नकदी और 21% रियल एस्टेट को प्राथमिकता देते हैं।
यह प्रवृत्ति केवल भारत तक सीमित नहीं है, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी यही रुझान देखने को मिल रहा है। रिपोर्ट बताती है कि 22% वैश्विक HNWI भी शेयरों को अपने निवेश पोर्टफोलियो में प्राथमिकता देते हैं, जबकि संपत्ति और नकदी इसके बाद आती हैं।
इक्विटी निवेश क्यों है अमीर युवाओं की पहली पसंद?
1. उच्च रिटर्न की संभावना
शेयर बाजार में निवेश का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इसमें लंबे समय में अधिक रिटर्न मिलने की संभावना होती है। ऐतिहासिक रूप से, इक्विटी निवेश ने अन्य परिसंपत्ति वर्गों की तुलना में बेहतर प्रदर्शन किया है।
2. बाजार की बढ़ती गतिशीलता
भारत की अर्थव्यवस्था लगातार बढ़ रही है, जिससे शेयर बाजार में स्थिरता बनी हुई है। कंपनियों के विस्तार और नई तकनीकों के बढ़ते उपयोग के कारण युवा निवेशक इक्विटी बाजार की ओर आकर्षित हो रहे हैं।
3. विविधता और लिक्विडिटी
इक्विटी निवेशकों को विभिन्न क्षेत्रों में निवेश करने की सुविधा मिलती है, जिससे उनका पोर्टफोलियो विविध हो जाता है। इसके अलावा, नकदी प्रवाह की दृष्टि से भी शेयर बाजार एक आकर्षक विकल्प है क्योंकि इसमें संपत्ति की तुलना में तेजी से पैसा निकाला जा सकता है।
4. डिजिटलीकरण और आसान पहुंच
ऑनलाइन ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म, मोबाइल एप्स और आसान डीमैट अकाउंट खोलने की प्रक्रियाओं के कारण निवेश अब पहले से कहीं अधिक सुविधाजनक हो गया है। इससे युवा निवेशकों को आसानी से शेयर बाजार में भाग लेने का अवसर मिलता है।
क्रिप्टोकरेंसी और डिजिटल संपत्तियों को सीमित प्राथमिकता
हालांकि डिजिटल संपत्तियों और क्रिप्टोकरेंसी की लोकप्रियता बढ़ रही है, लेकिन युवा भारतीय निवेशकों की प्राथमिकता अभी भी पारंपरिक परिसंपत्तियों पर अधिक है। रिपोर्ट के अनुसार:
- केवल 5% भारतीय HNWI क्रिप्टोकरेंसी को प्रमुख निवेश विकल्प मानते हैं।
- वैश्विक स्तर पर यह आंकड़ा 9% तक पहुंच जाता है।
- बॉन्ड में 8% भारतीय HNWI की रुचि है, जबकि वैश्विक स्तर पर यह संख्या 6.5% है।
पुरुष बनाम महिला निवेशक: कौन क्या पसंद करता है?
नाइट फ्रैंक की रिपोर्ट में बताया गया है कि वैश्विक स्तर पर पुरुष शेयरों में निवेश करना पसंद करते हैं, जबकि महिलाएं संपत्ति और नकदी निवेश को प्राथमिकता देती हैं।
हालांकि भारत में यह अंतर कम है। यहाँ पुरुष और महिलाएं दोनों ही शेयरों को अन्य परिसंपत्तियों की तुलना में अधिक पसंद करते हैं।
अमीर युवा भारतीयों की लग्जरी संपत्तियों में रुचि
शेयर बाजार के अलावा, भारत के अमीर युवा लग्जरी परिसंपत्तियों में भी गहरी रुचि दिखा रहे हैं। रिपोर्ट में बताया गया कि:
- 46.5% भारतीय HNWI लग्जरी कार के मालिक बनना चाहते हैं।
- 25.7% युवा HNWI हाई-एंड रियल एस्टेट में निवेश करने की इच्छा रखते हैं।
- 11.9% युवा मूल्यवान कलाकृतियां और आर्ट कलेक्शन खरीदने में रुचि दिखाते हैं।
इससे यह स्पष्ट होता है कि भारत की नई पीढ़ी केवल शेयर बाजार तक सीमित नहीं है, बल्कि वे संपत्ति, कार, और कलाकृतियों जैसी अल्टरनेटिव इन्वेस्टमेंट्स को भी महत्व दे रहे हैं।
शेयर बाजार निवेश के मामले में भारत की युवा पीढ़ी की पहली पसंद बन रहा है। नाइट फ्रैंक की रिपोर्ट यह दर्शाती है कि अमीर भारतीय युवा अधिकतर इक्विटी, नकदी और संपत्ति में निवेश करना पसंद करते हैं।
हालांकि, क्रिप्टोकरेंसी और डिजिटल संपत्तियों की ओर अभी सीमित आकर्षण देखने को मिल रहा है। कुल मिलाकर, भारतीय युवा निवेशक उच्च रिटर्न, आसान लिक्विडिटी और डिजिटल प्लेटफार्म्स की सुविधा के कारण शेयर बाजार की ओर तेजी से कदम बढ़ा रहे हैं।