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Bill gates: बिल गेट्स ने बताया AI प्रोफेशन वालों की नौकरी नहीं छीन सकता

Bill gates: आज के दौर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) ने कई क्षेत्रों में क्रांति ला दी है। AI की वजह से जहां एक तरफ काम आसान हुआ है, वहीं दूसरी ओर लाखों नौकरियों पर भी खतरा मंडराने लगा है। कई कंपनियां AI की वजह से कर्मचारियों की छंटनी कर रही हैं, खासतौर पर 2022 में ChatGPT के लॉन्च के बाद यह खतरा और बढ़ गया है।

लेकिन, माइक्रोसॉफ्ट के को-फाउंडर बिल गेट्स का मानना है कि तीन ऐसे प्रोफेशन हैं, जिन्हें AI कभी भी पूरी तरह से रिप्लेस नहीं कर सकता। आइए जानते हैं कि वे कौन-से प्रोफेशन हैं और क्यों AI इन क्षेत्रों में इंसानों की जगह नहीं ले सकता।


AI कैसे लोगों की नौकरियों पर असर डाल रहा है?

AI के बढ़ते प्रभाव ने टेक इंडस्ट्री समेत कई अन्य क्षेत्रों में बड़े बदलाव लाए हैं। बड़ी टेक कंपनियों में Google, Microsoft, OpenAI, NVIDIA, और Salesforce के CEO भी मानते हैं कि सबसे पहले सॉफ्टवेयर इंजीनियर्स और कोडर्स की नौकरियों पर AI की सबसे ज्यादा मार पड़ने वाली है।

लेकिन, बिल गेट्स का मानना है कि AI, इंसानों के लिए एक सहायक टूल की तरह काम करेगा, न कि उनकी जगह लेगा। हालांकि, कई नौकरियां खत्म हो सकती हैं, लेकिन कुछ क्षेत्रों में इंसानी दिमाग की जरूरत हमेशा बनी रहेगी।


ये तीन प्रोफेशन AI से सुरक्षित रहेंगे

बिल गेट्स के अनुसार, तीन ऐसे क्षेत्र हैं जहां AI इंसानों की जगह नहीं ले सकता।

1. बायोलॉजिस्ट (Biologist)

बायोलॉजी यानी जीवविज्ञान का क्षेत्र बेहद जटिल और गहराई से रिसर्च आधारित है। AI भले ही डेटा प्रोसेसिंग और पैटर्न पहचानने में तेज हो, लेकिन जीवों की जटिलताओं और अनिश्चितताओं को समझने के लिए इंसानी दिमाग की जरूरत होती है।

  • AI बीमारियों का पता लगाने और ड्रग रिसर्च में मदद कर सकता है, लेकिन बायोलॉजिस्ट के अनुभव और रचनात्मकता की जगह नहीं ले सकता।

  • जीव विज्ञान में कई ऐसी स्थितियां होती हैं, जहां अचानक बदलाव होते हैं, जिन्हें सिर्फ इंसान समझ और विश्लेषण कर सकता है।

  • DNA एनालिसिस और साइंटिफिक डिस्कवरी में भी रचनात्मक सोच और प्रयोगों की जरूरत होती है, जो केवल इंसान कर सकते हैं।

2. एनर्जी एक्सपर्ट (Energy Experts)

बिजली और ऊर्जा से जुड़ा क्षेत्र अत्यधिक तकनीकी और व्यावहारिक ज्ञान पर निर्भर करता है। बिल गेट्स का कहना है कि AI इस क्षेत्र को ऑटोमैटेड नहीं कर सकता।

  • एनर्जी ग्रिड्स, पावर प्लांट्स, सस्टेनेबल एनर्जी सॉल्यूशंस जैसे क्षेत्रों में इंसानों की गहरी समझ और विशेषज्ञता जरूरी होती है।

  • AI डेटा विश्लेषण और ऑटोमेशन में मदद कर सकता है, लेकिन पृथ्वी के जटिल जलवायु पैटर्न और ऊर्जा के प्राकृतिक स्रोतों को नियंत्रित करना पूरी तरह से संभव नहीं है।

  • नवीकरणीय ऊर्जा (Renewable Energy) और जलवायु परिवर्तन (Climate Change) की चुनौतियां भी ऐसी हैं, जिनका समाधान करने के लिए इंसानी विशेषज्ञता और सोच जरूरी होती है।

3. साइंटिफिक रिसर्चर (Scientific Researcher)

वैज्ञानिक अनुसंधान (Scientific Research) का क्षेत्र रचनात्मकता, खोज और प्रयोग पर आधारित है, जिसमें AI कभी भी इंसानों की जगह नहीं ले सकता।

  • वैज्ञानिक खोजों में कई बार नई और अनदेखी समस्याएं आती हैं, जिन्हें हल करने के लिए मानव बुद्धि, तर्क और रचनात्मकता की जरूरत होती है।

  • AI डेटा प्रोसेसिंग और गणना में मदद कर सकता है, लेकिन नए आविष्कार और खोज के लिए मानव मस्तिष्क की जरूरत होती है।

  • रसायन विज्ञान, भौतिकी और चिकित्सा अनुसंधान में इंसानी अवलोकन (Observation), सोचने की क्षमता और व्यावहारिक परीक्षण बेहद महत्वपूर्ण हैं।


क्या AI कोडर्स की नौकरी भी ले सकता है?

टेक्नोलॉजी के दिग्गज OpenAI के सैम ऑल्टमैन, NVIDIA के यानसेन हुआंग और सेल्सफोर्स के सीईओ मार्क बेनिऑफ ने भी इस बात को स्वीकार किया है कि AI, सबसे पहले कोडर्स की नौकरियां प्रभावित करेगा।

हालांकि, बिल गेट्स का मानना है कि कोडिंग पूरी तरह से AI के हवाले नहीं होगी।

  • AI ऑटो-कोडिंग और बग फिक्सिंग में मदद कर सकता है, लेकिन रचनात्मक सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट और समस्या-समाधान के लिए इंसानों की जरूरत हमेशा बनी रहेगी।

  • भविष्य में सिर्फ वही कोडर्स बचेंगे जो इनोवेटिव और नए समाधान लेकर आएंगे।

बिल गेट्स के अनुसार, AI भले ही कई क्षेत्रों में काम आसान कर रहा हो और कई नौकरियों को खत्म कर सकता हो, लेकिन कुछ क्षेत्रों में इंसानी दिमाग की जरूरत हमेशा बनी रहेगी।

  • बायोलॉजिस्ट, एनर्जी एक्सपर्ट्स और साइंटिफिक रिसर्चर्स ऐसे प्रोफेशनल्स हैं, जिन्हें AI कभी भी पूरी तरह से रिप्लेस नहीं कर सकता।

  • AI एक सहायक टूल की तरह काम करेगा, लेकिन रचनात्मकता, अनुभव और जटिल समस्या समाधान के लिए इंसानों की भूमिका जरूरी बनी रहेगी।

भविष्य की नौकरियों को बचाने के लिए क्या करें?

अगर आप भी चाहते हैं कि आपकी नौकरी पर AI का खतरा न मंडराए, तो आपको अपने स्किल्स को अपग्रेड करने की जरूरत होगी।

  • तकनीकी और विश्लेषणात्मक सोच को बढ़ाएं।

  • AI से जुड़ी नई टेक्नोलॉजी सीखें और उसे अपने काम में अपनाएं।

  • ऐसे प्रोफेशनल्स बनें, जो इनोवेशन और क्रिएटिविटी पर ध्यान देते हैं।

AI के इस नए दौर में जो लोग सीखने और बदलाव को अपनाने के लिए तैयार होंगे, वे ही आगे बढ़ पाएंगे।