Monday, December 5, 2022

Indian Railways Update: रेलवे दे रहा फ्री में सफर करने का सुनहरा मौका

 

डेस्क। Indian Railways Update: इंडियन रेलवे की तरफ से यात्रियों को कई तरह की सुविधाएं दी जाती हैं, पर आज हम आपको रेलवे की एक ऐसी ट्रेन के बारे में बताएंगे, जिसमें आप फ्री (Free Train Travel) में सफर कर पाएंगे। 

यह ट्रेन पिछले 74 सालों से लोगों को फ्री में सफर भी करा रही है, लेकिन बहुत कम लोग ही इसके बारे में जानते हैं। तो आइए आपको बताते हैं कि यह कौन सी ट्रेन है और आप किस रूट पर इस ट्रेन के जरिए सफर भी कर सकते हैं।

किस रूट पर चलती है ये ट्रेन?

रेलवे की इस ट्रेन का नाम ‘भागड़ा-नंगल ट्रेन’ है और यह ट्रेन पंजाब और हिमाचल प्रदेश की सीमा पर संचालित भी होती है। इस ट्रेन को भाखड़ा ब्यास मैनेजमेंट बोर्ड द्वारा नंगल और भाखड़ा के बीच चलाया भी जाता है और अगर आपका भी भाखड़ा- नंगल बांध देखने जाने का प्लान है तो आप इस ट्रेन में फ्री में आराम से सफर करने का मजा ले सकते हैं। 

जानिए कब शुरू हुई थी ट्रेन

भारतीय रेलवे की वेबसाइट के मुताबिक, इस ट्रेन को साल 1948 में शुरू करा गया था। भाखड़ा नंगल बांध जब बनाया जा रहा था उस समय पर इस ट्रेन के संचालन की काफी जरूरत पड़ी थी। भाखड़ा-नंगल ट्रेन 18 से 20 लीटर डीजल प्रति घंटे की खपत के साथ शिवालिक पहाड़ियों से होते हुए 13 किलोमीटर की दूरी को तय करती है।

वहीं हर दिन 800 यात्री इसमें सफर करते हैं ।

 इस ट्रेन में सफर के दौरान रास्ते में कई छोटे-छोटे गांव भी पड़ते हैं जहां के लोग इनमें सफर करते हैं जिसमें कर्मचारी, टूरिस्ट और स्कूल के स्टूडेंट्स भी शामिल हैं।

कैसे बने ट्रेन के कोच?

ये ट्रेन डीजल इंजन से चलती है और एक दिन में इस ट्रेन में 50 लीटर डीजल की खपत भी होती है। वहीं जब एक बार इसका इंजन स्टार्ट हो जाता है तो भाखड़ से वापिस आने के बाद ही बंद भी होता है। वहीं इसके अंदर बैठने के लिए भी लकड़ी के ही बेंच लगे होते हैं। इस ट्रेन के माध्यम से भाखड़ा के आसपास के गांव बरमला, ओलिंडा, नेहला, भाखड़ा, हंडोला, स्वामीपुर, खेड़ा बाग, कालाकुंड, नंगल, सलांगड़ी, लिदकोट, जगातखाना, परोईया, चुगाठी, तलवाड़ा, गोलथाई के लोगों का यहां आने जाने का एक मात्र साधन भी है।

जानिए क्या है ट्रेन का शेड्यूल

सुबह 7:05 पर ये ट्रेन नंगल से चलती है और लगभग 8:20 पर ये ट्रेन भाखड़ा से वापस नंगल की ओर जाती है। इस कड़ी में वहीं दोपहर में एक बार फिर 3:05 पर ये नंगल से चलती है और शाम 4:20 पर ये भाखड़ा डैम से वापस नंगल के लिए आती है। इसी के साथ नंगल से भाखड़ा डैम पहुंचने में ट्रेन को लगभग 40 मिनट लग जाते है। साथ ही जब ट्रेन को शुरू किया गया था तब इसमें 10 बोगीयां चलती थीं, लेकिन अब इसमें केवल 3 ही बोगीयां हैं और इस ट्रेन में एक डिब्बा पर्यटकों के लिए और एक महिलाओं के लिए आरक्षित भी है।

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