सच और मीडिया

डिग्री से नहीं मिलती मीडिया में नौकरी, क्या है अंग्रेजी और रिप्रेन्स की भूमिका

मीडिया- आज के समय मे लाखों बच्चे मीडिया की पढ़ाई कर रहे हैं और बड़े बड़े संस्थाओं में प्लेसमेंट की अभिलाषा लिए दाखिला ले रहे हैं। लेकिन वह यह नहीं जानते की जिस रास्ते पर उन्होंने कदम रखे हैं वह उनके लिए आसान नहीं होगी क्योंकि मीडिया एक ऐसा विकल्प है जहां अवसर तो बहुत हैं लेकिन इन अवसरों को अपना बनाने की प्रतिभा हर किसी के पास नहीं।

मीडिया के क्षेत्र में करियर बनाने के लिए सिर्फ मीडिया की पढ़ाई करना आवश्यक नहीं है। अगर आप यह सोच रहे हैं कि आप पढाई करके मीडिया में अपना करियर बनाकर जमकर पैसा कमा सकते हैं। तो यह आपका भ्रम है। क्योंकि मीडिया में करियर आपकी काबिलियत से बनता है न कि आपकी डिग्री से। अगर आप सिर्फ डिग्री या अपने मार्क्स के बलबूते पर मीडिया में अपने करियर की उड़ान भरना चाहते हैं तो आपको कभी भी सफलता हासिल नहीं होगी। वहीं यदि आपके भीतर काबिलियत है तो आप जल्द ही अपने लक्ष्य हो हासिल कर लेंगे।

क्या अंग्रेजी का ज्ञान आवश्यक है-

कई संस्थानों में बच्चों को जबरन अंग्रेजी की ओर धकेला जाता है और उनके मन मे यह भ्रम पैदा किया जाता है कि यदि आपको अंग्रेजी का उचित ज्ञान नहीं है तो आप मीडिया के क्षेत्र में अपने करियर को उड़ान देने में असफल होंगे। 

लेकिन वास्तविकता यह नहीं है। मीडिया एक ऐसा क्षेत्र है जहां आपको करियर बनाने के लिए अंग्रेजी का ज्ञान होना आवश्यक नहीं है लेकिन ज्ञान होना आवश्यक है। मीडिया में करियर बनाने के लिए आपको एक विशेष भाषा का ज्ञान होना चाहिए। अगर आप अंग्रेजी पर पकड़ रखते हैं तो आपकी अंग्रेजी बेहतर होनी चाहिए। वहीं यदि आप हिंदी में निपुण हैं तो आपकी हिंदी की बिन्दी उचित जगह पर उपयोग होनी चाहिए। यानी आप जिस भाषा का ज्ञान रखते हैं पूर्ण रखते हो।

मीडिया के क्षेत्र में सबसे अधिक समस्याओं से उन लोगों को जूझना पड़ता है जो लोग बीच की भाषा का ज्ञान रखते हैं। यानी न तो वह अंग्रेजी में निपुण होते हैं और न ही हिंदी में। इसके साथ ही वह सीखने की अभिलाषा भी नहीं रखते। उन्हें लगता है कि यदि उनका करियर नहीं बन रहा है तो उसका कारण उनका अर्ध ज्ञान नहीं मीडिया संस्थानों में रिप्रेन्स की भूमिका है।

क्या है रिप्रेन्स-

आज कल सोशल मीडिया पर यह बहुत ट्रेड कर रहा है कि मीडिया में जॉब चाहिए तो आपके पास रिप्रेन्स होना आवश्यक है। असल मे रिप्रेन्स का सीधा मतलब जुगाड़ से है। लेकिन जुगाड़ आपको जॉब नहीं दिलाती। व्यक्ति की काबिलियत से उसे जॉब मिलती है। कई बार रिप्रेन्स के कारण लोगों को मौका मिलता है लेकिन वह अगर काबिल नहीं होते हैं तो रिप्रेन्स भी उन्हें ज्यादा लम्बे समय तक सपोर्ट नहीं दे पाता और वह जॉब मिलने के बाद भी बेरोजगार रहते हैं।

मीडिया इंडस्ट्री में करियर बनाना कठिन है लेकिन नामुमकिन नहीं। क्योंकि अगर आप काबिल हैं तो आप कभी पीछे नहीं रहेंगे। हो सकता है वक्त लगे लेकिन वक्त के साथ आपकी काबिलियत की चमक लोगों को आकर्षित करती है और आप अपने लिए लोगों के बीच जगह बना लेते हैं। विशेष बात काबिलियत की यह होती है कि इसे किसी प्रकार के रिप्रेन्स की आवश्यकता नहीं होती है।

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