Monday, December 5, 2022

Chhath puja: संदूर के रंग और उसकी लंबाई का होता है विशेष महत्व 

 

छठ पूजा का चार दिनों तक चलने वाला महापर्व जारी है, आपको बता दें आज छठ पूजा का चौथा दिन है इस दिन सूर्य देवतो को प्रसन्न करने से भाग्योदय होता है, और सुख-समृद्धि की वृद्धि होती है।

मान्यता है कि अगर जो छठ का व्रत रखता है उनकी सभी मुराद पूरी होती है। वहीं अक्सर आपने देखा होगा कि लोग अपनी छोटी-छोटी चीजों को पूरा करने के लिए भगवान से मन्नत मांगते हैं पर छठ पर्व इस मायने में काफी खास हो जाता है, तभी हर यूपी वाले लोग खासतौर से बिहारी चाहे किसी भी जगह रह रहें हो, इस पर्व को जरूर पूरी श्रद्धा के साथ पूरा करते हैं, इस महापर्व में जिनकी मुराद पूरी होती है,वह छठी मैया का शुक्रिया अदा भी करते हैं।

तो आज हम आपको अपने बताएंगे कि महिलाएं नाक तक सिंदूर क्यों लगाती है और इसका क्या महत्त्व है।

छठ पूजा में नाक तक सिंदूर लगाने का महत्त्व- 

छठ पूजन में महिलाएं नाक से लेकर मांग तक सिंदूर लगाती हैं और यह सिंदूर पति की दीर्घायु उम्र के लिए भी लगाई जाती है इसी के साथ पूरे परिवार के सुख-शांति समृद्धि के लिए यह सिंदूर लगाया जाता है, यह कहते हैं कि सिंदूर जितनी लंबी होगी, पति की आयु भी उतनी ही हो जाएगी।

छठ पूजन में इस्तेमाल सिंदूर के होते हैं प्रकार-

1- सुर्ख लाल सिंदूर

सुर्ख लाल सिंदूर को देवी सती पार्वती की शक्ति का प्रतीक माना जाता है,इस सिंदूर को लगाने से पति की आयु लंबी होती है।

2- पीला या नारंगी सिंदूर 

इस सिंदूर को लगाने से पति का समाज में मान सम्मान काफी बढ़ता है।

3- मटिया सिंदूर

मटिया सिंदूर एकदम मिट्टी के समान प्रतीत होता है, इसलिए इसे मटिया सिंदूर कहा जाता हैं,वह विशेष तौर पर बिहार में व्रती महिलाएं इसे ही लगाती हैं।

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