राजनीति

राहुल की गैरमौजूदगी से बजा बीजेपी की जीत का बिगुल

गुजरात मे जब साल 2017 के चुनाव में नतीजे सामने आए तो सभी ढदंग रह गए। कांग्रेस ने बीजेपी को गुजरात मे कांटे की टक्कर दी और मुख्य विपक्षी दल के रूप में उभर कर सामने आई। लेकिन जब साल 2022 में गुजरात चुनाव हुआ तो गुजरात की जनता ने कांग्रेस को अस्वीकार कर दिया।

गुजरात मे आम आदमी पार्टी की स्थिति कांग्रेस से अच्छी दिखाई दी। कांग्रेस को केवल 17 सींटें हासिल हुई। वोट प्रतिशत 30 फीसदी से नीचे चला गया। लेकिन कांग्रेस की हार को लेकर अब विशेषज्ञ अपना अपना अनुमान लगा रहे हैं। 

विशेषज्ञ का कहना है कि कांग्रेस को गुजरात मे हार उनकी अपनी गलतियों की वजह से मिली है। राहुल गांधी पूरे देश मे भारत जोड़ो यात्रा कर रहे हैं। उनकी भारत जोड़ो यात्रा को जनता का भरपूर समर्थन प्राप्त हो रहा है। लेकिन राहुल गांधी ने जिस प्रकार गुजरात को नजरअंदाज किया वह अनुचित था। 

जानकारों ने कहा, भारत जोड़ो यात्रा तब शुरू हुई जब प्रमुख चुनाव होने थे। इस यात्रा ने चुनाव पर ध्यान केंद्रित नहीं किया। जिसके चलते गुजरात मे कांग्रेस की दशा बेहद खराब हो गई।

कांग्रेस इस समय एनजीओ की तरह काम कर रही है। अगर कांग्रेस अपनी भारत जोड़ो यात्रा को गुजरात से निकालती तो इससे उन्हें फायदा होता। लेकिन कांग्रेस ने ऐसा नहीं किया और नतीजे अब सामने है। अगर कांग्रेस को अपनी शाख स्थापित करनी है तो कांग्रेस को हर उस जगह से अपनी यात्रा निकालनी चाहिए। जहां आपको अपने आप को साबित करना है।

कई लोगों का कहना है कि बीजेपी ने राहुल गांधी की गैरमौजूदगी का फायदा उठाया है और अपनी जीत का डंका गुजरात मे बजाया है। क्योंकि अगर राहुल गांधी गुजरात प्रचार प्रसार करते तो कांग्रेस बेहतर रूप से उभर कर सामने आती।

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