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Kanpur News: खाकी ने खाकी पर उछाला कीचड़: ककवन थाना प्रभारी पर उगाही और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप

Kanpur News: उत्तर प्रदेश पुलिस विभाग में भ्रष्टाचार और वसूली का मामला फिर से सुर्खियों में आ गया है। इस बार आरोप खुद पुलिसकर्मियों ने अपने ही थाना प्रभारी पर लगाए हैं। कानपुर के ककवन थाना प्रभारी धर्मेंद्र गुप्ता पर थाने के ही दरोगा और पुलिसकर्मियों ने उगाही के लिए दबाव डालने का गंभीर आरोप लगाया है। शिकायत में कहा गया है कि थाना प्रभारी अपने अधीनस्थों से “लूटमार करो या उगाही… मुझे बस पैसा चाहिए” कहकर धन उगाही करवाने का दबाव डालते थे।


थाना प्रभारी पर लगे गंभीर आरोप

  • 24 जनवरी 2025 को धर्मेंद्र गुप्ता को पुलिस लाइन से ककवन थाना प्रभारी के रूप में तैनात किया गया था।

  • तैनाती के बाद से ही उन्होंने थाने और चौकी में तैनात पुलिसकर्मियों पर पैसे देने का दबाव बनाना शुरू कर दिया

  • जब किसी ने विरोध किया तो गाली-गलौज और अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया जाता था

  • पुलिस कर्मियों ने 18 मार्च को पुलिस कमिश्नर अखिल कुमार से शिकायत दर्ज कराई

  • मामले की जांच के लिए एडीसीपी पश्चिम विजेंद्र द्विवेदी को जिम्मेदारी सौंपी गई


कैसे हुआ मामला उजागर?

18 मार्च को ककवन थाने के आठ पुलिसकर्मियों ने पुलिस कमिश्नर को लिखित शिकायत दी। इनमें दरोगा उदयपाल पांडेय, अक्षय गौड़, वरुण कुमार, धीरेंद्र यादव, प्रवीन राव, हेड कांस्टेबल अल्का, महिला कांस्टेबल पूजा चौधरी और सीसीटीएनएस में तैनात कर्मचारी शामिल थे।

शिकायत में क्या कहा गया?

  1. थाना प्रभारी धर्मेंद्र गुप्ता सिर्फ पैसे कमाने में लगे हैं

  2. बिना पैसा लिए कोई काम नहीं किया जाता

  3. थाने के पुलिसकर्मियों से जबरन उगाही करवाई जाती है

  4. जब कोई पैसा नहीं देता, तो उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की धमकी दी जाती है


16 दिन बाद भी जांच अधूरी, पुलिस कमिश्नर ने मांगी रिपोर्ट

शिकायत के बाद पुलिस कमिश्नर ने एडीसीपी पश्चिम को दो दिन में जांच पूरी करने का निर्देश दिया था। लेकिन 16 दिन बीत जाने के बाद भी जांच पूरी नहीं हुई

  • एडीसीपी पश्चिम विजेंद्र द्विवेदी ने कहा कि सभी पुलिसकर्मियों के बयान लिए जा रहे हैं।

  • जांच पूरी होने के बाद रिपोर्ट पुलिस कमिश्नर को सौंप दी जाएगी

  • अगर आरोप सही पाए जाते हैं तो थाना प्रभारी के खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी


थाना प्रभारी ने आरोपों को बताया झूठा

थाना प्रभारी धर्मेंद्र गुप्ता ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को झूठा और निराधार बताया है। उनका कहना है कि कुछ पुलिसकर्मी अनुशासनहीनता की वजह से उनके खिलाफ साजिश कर रहे हैं

“मुझे बदनाम करने की साजिश की जा रही है। मैं ईमानदारी से अपनी ड्यूटी कर रहा हूं।” – धर्मेंद्र गुप्ता, एसओ ककवन


53 दिनों में भ्रष्टाचार के कई मामले सामने आए

थाने में तैनात पुलिसकर्मियों ने बताया कि थाना प्रभारी को तैनात हुए केवल 53 दिन हुए हैं, लेकिन इतने कम समय में उन पर कई गंभीर आरोप लग चुके हैं

तारीख घटना आरोपी कार्यवाही
जून 2022 50 हजार की रिश्वत लेते पकड़ी गई महिला दरोगा डीसीपी पूर्वी कार्यालय की पुलिसकर्मी गिरफ्तार
जुलाई 2023 महिला से अश्लील बातें करने का मामला चौकी इंचार्ज शुभम सिंह निलंबित
सितंबर 2023 महिला को कमरे में बुलाने का मामला दरोगा तेजवीर सिंह निलंबित
अक्टूबर 2023 50 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा गया थानेदार राम जनम गौतम गिरफ्तार
अक्टूबर 2024 चोरी के जेवर हड़पने का मामला रेलबाजार थाना प्रभारी विजय दर्शन शर्मा निलंबित
दिसंबर 2024 आईटीआई छात्रा से दुष्कर्म का आरोप एसीपी मोहिसिन निलंबित
फरवरी 2025 41.30 लाख के गबन का मामला गोविंदनगर थाने का हेडमोहर्रिर जांच जारी

क्या होगा आगे?

  • पुलिस कमिश्नर ने जांच रिपोर्ट जल्द से जल्द सौंपने के निर्देश दिए हैं

  • अगर आरोप सही पाए जाते हैं तो थाना प्रभारी को निलंबित किया जा सकता है

  • भ्रष्टाचार और उगाही के मामलों में पुलिस प्रशासन की सख्त कार्रवाई की उम्मीद की जा रही है

यह घटना उत्तर प्रदेश पुलिस में व्याप्त भ्रष्टाचार की एक और कड़ी है। जब खुद पुलिसकर्मी ही अपने अधिकारी के खिलाफ शिकायत दर्ज कर रहे हैं, तो स्थिति कितनी भयावह होगी? अब देखना यह है कि क्या थाना प्रभारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई होती है या फिर यह मामला भी दबा दिया जाएगा?