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मुस्लिम युवतियों ने हिंदू दोस्त का भाईयो से करवाया सामूहिक बलात्कार

 

 

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के बरेली की एक लड़की के साथ आगरा में सामूहिक बलात्कार का दिल दहलाने वाला मामला सामने आया है। इतना ही नहीं, पीड़िता हिन्दू लड़की का जबरन धर्म परिवर्तन करवाकर उसका बलपूर्वक निकाह भी करवाया गया।

इस रिपोर्ट के अनुसार, पीड़िता को अजमेर, इलाहाबाद, बनारस, अकबरपुर में कई दिनों तक बंधक बनाकर रखा गया था। हिन्दू युवती का रेप करने, मुस्लिम बनाने और जबरन निकाह करने के बाद उसे गौमांस खाने के लिए भी मबजूर किया गया और नशीले इंजेक्शन लगाए गए।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, 21 वर्षीय पीड़िता ने अपनी शिकायत में 6 लोगों के खिलाफ केस दर्ज करवाया है। बता दें आरोपियों की शिनाख्त अकलीम कुरैशी, शादाब, विसाल, तरन्नुम, शाहाना और गजाला के रूप में हुई है। जानकारी मूली है कि पीड़िता बरेली के अपने घर के अंदर ही ब्यूटी पार्लर चलाती है। तरन्नुम और गजाला, पीड़िता के ब्यूटी पार्लर में अक्सर आया-जाया करती थी। लगातार मुलाकात के कारण इन मुस्लिमों लड़कियों से पीड़िता की अच्छी दोस्ती हो गई। मुस्लिम युवतियों पर आरोप है कि उन्होंने किसी बहाने से पीड़िता को एक दिन अपने घर पर बुलाया था और वहाँ पीड़िता को मुस्लिम महिलाओं ने एक रूम में कैद कर दिया। वहीं इसी बीच तरन्नुम के भाई अकलीम ने हथियार के बल पर लड़की के साथ बलात्कार भी किया और तरन्नुम तथा उसकी बहन ने इस घिनौने कृत्य का पूरा वीडियो बनाया।

रिपोर्ट की माने तो दुष्कर्म के इस वीडियो को इंटरनेट पर डालने की धमकी देकर आरोपियों ने लड़की को जबरन मुस्लिम बनाया और बलपूर्वक अकलीम से उसका निकाह भी करवा दिया। जिस समय पीड़िता के साथ यह सब घटना हुई, उस वक़्त परिजन पीड़िता की शादी की तैयारी में लगे थे। इसके लिए घर में रखे नकदी-जेवर भी आरोपितों ने उनसे छीन लिए। पीड़िता ने अपनी शिकायत में यह भी बताया है कि अकलीम नशीली गोलियाँ और इंजेक्शन देकर उसका शोषण करता रहा। 

जबरन निकाह करवाने के बाद अकलीम और उसकी बहनों पर पीड़िता को लेकर अजमेर जाने का इल्जाम भी है। इसके बाद पीड़िता को इलाहाबाद, बनारस, अकबरपुर में भी बंधक बनाकर कई दिनों तक रखा गया। इसके बाद उसे बिहार ले जाया गया, जहाँ से उसे आगरा लाया गया और फिर यहाँ अकलीम के भाई विसाल और शादाब ने भी हिन्दू युवती के साथ बलात्कार किया।

वहीं इस दौरान पीड़िता को गौमांस खाने के लिए प्रताड़ित किया गया। और विरोध करने पर पीड़िता को मारा-पीटा भी जाता रहा और रिपोर्ट की माने तो पीड़िता 23 नवंबर 2022 को किसी प्रकार आरोपितों के चंगुल से छूटी। वहीं भीख माँगकर किराया भी जुटाया और फिर आगरा से बरेली आकर और आरोपितों के खिलाफ केस भी दर्ज करवाया।

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