Trade Setup For Today: अमेरिका द्वारा ऑटो इंपोर्ट पर नए टैरिफ लगाने की घोषणा के बाद वैश्विक बाजारों में गिरावट का रुख देखा जा रहा है। इसका असर भारतीय शेयर बाजार पर भी पड़ा, जहां लगातार सात दिनों की तेजी के बाद बुधवार को गिरावट दर्ज की गई।
बाजार की मौजूदा स्थिति और संकेत
घरेलू शेयर बाजार में बुधवार को शुरुआती बढ़त के बाद तेजी से गिरावट आई। सेंसेक्स और निफ्टी बिकवाली के दबाव में लाल निशान पर बंद हुए। निफ्टी 182 अंक लुढ़ककर 23,487 के स्तर पर आ गया।
बाजार में कमजोरी के प्रमुख कारण:
- GIFT Nifty में दबाव, जिससे कमजोर शुरुआत के संकेत मिले।
- DIIs की लगातार दूसरे दिन बिकवाली, जिससे बाजार में गिरावट का रुख बना।
- ट्रंप टैरिफ की वजह से वैश्विक बाजारों में गिरावट, खासकर ऑटो शेयरों पर दबाव।
- निफ्टी मिडकैप और स्मॉलकैप में कमजोरी, जिससे ब्रॉडर मार्केट भी प्रभावित हुआ।
निफ्टी की तकनीकी स्थिति और आगे का अनुमान
निफ्टी में मंगलवार को 23,800 के पास रेजिस्टेंस मिलने के बाद गिरावट आई। इंडेक्स अपने हालिया उच्चतम स्तर 23,869 से 400 अंक नीचे आ चुका है, लेकिन अब भी यह प्रमुख मूविंग एवरेज से ऊपर बना हुआ है।
विश्लेषकों की राय:
- नागराज शेट्टी (HDFC Securities): निफ्टी 23,400-23,200 के स्तर पर सपोर्ट ले सकता है, और यहां से रिकवरी की संभावना है।
- रुपक डे (LKP Securities): अगर निफ्टी **23,300 से नीचे फिसलता है, तो हालिया तेजी पर सवाल उठ सकता है। ऊपर की ओर 23,550 का स्तर रेजिस्टेंस रहेगा।
- जतिन गेडिया (Mirae Asset Sharekhan): बैंक निफ्टी में 52,000 पर रेजिस्टेंस है, और फिलहाल इसमें 51,000 – 50,800 के बीच सपोर्ट देखा जा सकता है।
ग्लोबल बाजारों से मिल रहे संकेत
अमेरिकी बाजार:
- डाओ जोंस 400 अंक लुढ़का और नैस्डैक में भी गिरावट रही।
- S&P500 इंडेक्स 200DMA से नीचे आ गया, जिससे कमजोरी के संकेत मिले।
- Barclays ने S&P500 का टारगेट 6600 से घटाकर 5900 कर दिया।
एशियाई बाजार:
- जापान का निक्केई इंडेक्स 1% गिरा।
- दक्षिण कोरिया का कोस्पी आधे फीसदी नीचे।
- चीन और हॉन्ग कॉन्ग के बाजारों में भी कमजोरी बनी हुई है।
अमेरिका में ऑटो टैरिफ का असर
अमेरिका में बाहर से आने वाली गाड़ियों पर 25% का नया टैरिफ लगाया गया है, जो 2 अप्रैल 2025 से लागू होगा। यह टैरिफ मौजूदा शुल्क के अतिरिक्त होगा।
- 2024 में अमेरिका में 240 अरब डॉलर की गाड़ियाँ और ट्रक आयात किए गए।
- सरकार को इस टैरिफ से सालाना 100 अरब डॉलर की अतिरिक्त आय होने का अनुमान।
- इससे ऑटो सेक्टर पर दबाव बना रहेगा और वैश्विक स्तर पर व्यापारिक अस्थिरता बढ़ सकती है।
FIIs – DIIs के आंकड़े
- विदेशी निवेशकों (FIIs) ने कैश मार्केट में 2,240 करोड़ रुपये की खरीदारी की।
- घरेलू निवेशकों (DIIs) ने 696 करोड़ रुपये की बिकवाली की।
- FII की खरीदारी जारी रहने से बाजार में गिरावट सीमित रह सकती है।
आज किन शेयरों पर रहेगी नजर?
- Wipro: ReAssure UK Services से 65 करोड़ डॉलर का 10 साल का कॉन्ट्रैक्ट मिला।
- BSE: बोनस शेयर की घोषणा संभव, 30 मार्च को निर्णय लिया जाएगा।
- MSTC: 4.5 रुपये प्रति शेयर तीसरा अंतरिम डिविडेंड घोषित किया।
- Bandhan Bank: 119 करोड़ रुपये का इनकम टैक्स डिमांड ऑर्डर मिला।
- HDFC Bank: RBI ने 75 लाख रुपये की पेनाल्टी लगाई, KYC नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई।
- Bharat Forge: रक्षा मंत्रालय से 6,900 करोड़ रुपये के समझौते पर हस्ताक्षर।
नए अमेरिकी टैरिफ के कारण वैश्विक बाजारों में नकारात्मकता देखी जा रही है, जिससे भारतीय शेयर बाजार पर भी असर पड़ा है। हालांकि, FIIs की मजबूत खरीदारी से निफ्टी में गिरावट सीमित रह सकती है।
अगले कुछ दिनों में 23,300-23,400 के स्तर पर सपोर्ट मिल सकता है, जबकि ऊपर की ओर 23,800-23,900 के स्तर पर रेजिस्टेंस रहेगा। निवेशकों को सतर्क रहने और अमेरिका-भारत व्यापार वार्ता पर नजर रखने की जरूरत होगी।