अमेरिका के ब्रुकलिन में एक अजीबोगरीब घटना घटी जब एक व्यक्ति ने टेस्ला साइबरट्रक पर स्वास्तिक चिन्ह बना दिया। यह घटना न्यूयॉर्क के वॉशिंगटन एवेन्यू पर हुई, जहां करीब 7 करोड़ रुपये की इस इलेक्ट्रिक ट्रक पर हिंदू धर्म का प्रतीक स्वास्तिक बनाया गया। यह ट्रक एक यहूदी व्यक्ति का था, जिससे यह मामला और अधिक संवेदनशील हो गया। टेस्ला के मालिक एलन मस्क ने भी इस घटना पर प्रतिक्रिया दी, जिससे यह मामला सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया।
साइबरट्रक पर स्वास्तिक चिन्ह बनाने से बढ़ा विवाद
इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसे ‘X’ (पहले ट्विटर) पर एक यूजर कोलिन रग ने साझा किया। कोलिन ने लिखा कि न्यूयॉर्क में एक यहूदी व्यक्ति के टेस्ला साइबरट्रक पर स्वास्तिक बनाने के बाद एक वामपंथी व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया।
यूजर ने अपने पोस्ट में आगे बताया कि आरोपी ने पहले साइबरट्रक को देखा, फिर अपनी सुबारू कार से बाहर निकला और ट्रक पर स्वास्तिक चिन्ह बना दिया। इसके बाद वह मौके से फरार हो गया, लेकिन जब वह करीब एक घंटे बाद वापस लौटा, तो पुलिस पहले से ही उसका इंतजार कर रही थी और उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
एलन मस्क ने दी प्रतिक्रिया
इस घटना ने सोशल मीडिया पर बहस छेड़ दी और कई लोग इस पर अपनी राय व्यक्त कर रहे हैं। जब यह खबर मस्क तक पहुंची, तो उन्होंने तुरंत प्रतिक्रिया दी।
मस्क ने ट्वीट करते हुए लिखा, “पागल लोग! और स्वाभाविक रूप से, वह सुबारू चलाते हैं…”
मस्क की इस टिप्पणी को लेकर भी लोगों में काफी चर्चा हो रही है, क्योंकि यह एक व्यंग्यात्मक टिप्पणी मानी जा रही है।
आरोपी गिरफ्तार, पहले भी गंभीर मामलों में शामिल
पुलिस ने 42 वर्षीय माइकल लुईस नाम के व्यक्ति को गिरफ्तार किया, जिस पर पहले से गंभीर उत्पीड़न के आरोप थे। रिपोर्ट के मुताबिक, जिस यहूदी व्यक्ति की साइबरट्रक पर स्वास्तिक बनाया गया, उसका नाम एवी बेन हामो है।
हामो ने इस घटना पर नाराजगी जताते हुए कहा कि यह मामला उनके लिए बेहद संवेदनशील है और इस घटना से वह अंदर से ‘जल’ गए हैं। घटना के वक्त वह ट्रक के पास ही खड़े थे और तुरंत पुलिस को सूचना दी थी।
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की और जब आरोपी घटनास्थल पर वापस लौटा, तो उसे तुरंत हिरासत में ले लिया गया। उस वक्त वहां चार पुलिस अधिकारी, एक रिपोर्टर और एक फोटोग्राफर मौजूद थे।
स्वास्तिक चिन्ह का विवादित संदर्भ
स्वास्तिक हिंदू धर्म, बौद्ध धर्म और जैन धर्म में एक पवित्र और शुभ प्रतीक माना जाता है, लेकिन पश्चिमी देशों में यह नाजीवाद से जुड़ा एक विवादास्पद चिह्न बन गया है। द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान एडोल्फ हिटलर की नाजी पार्टी ने स्वास्तिक को अपने प्रतीक के रूप में इस्तेमाल किया था, जिसके कारण पश्चिमी देशों में इसे नकारात्मक रूप से देखा जाता है।
इस मामले में भी जब आरोपी ने यह चिन्ह साइबरट्रक पर बनाया, तो इसे नाजी विचारधारा से जोड़कर देखा गया, जिससे यहूदी समुदाय में आक्रोश फैल गया।
Disclaimer
ब्रुकलिन की इस घटना ने अमेरिका में नफरत और प्रतीकों के विवाद को फिर से उजागर कर दिया है। स्वास्तिक का अर्थ भले ही भारतीय संस्कृति में सकारात्मक हो, लेकिन पश्चिम में इसे नाजीवाद से जोड़कर देखा जाता है, जिसके कारण ऐसे मामलों में विवाद पैदा हो जाता है।
एलन मस्क की प्रतिक्रिया ने भी इस मामले को और अधिक सुर्खियों में ला दिया है। फिलहाल आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और आगे की कानूनी कार्यवाही जारी है।
FAQs
1. अमेरिका में स्वास्तिक चिन्ह क्यों विवादित है?
अमेरिका और पश्चिमी देशों में स्वास्तिक चिन्ह को नाजी विचारधारा से जोड़कर देखा जाता है, क्योंकि हिटलर की पार्टी ने इसे अपने झंडे और प्रतीकों में इस्तेमाल किया था।
2. एलन मस्क ने इस घटना पर क्या प्रतिक्रिया दी?
मस्क ने इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए ट्वीट किया, “पागल लोग! और स्वाभाविक रूप से, वह सुबारू चलाते हैं…”, जो एक व्यंग्यात्मक टिप्पणी थी।
3. साइबरट्रक किसका था और उसे कितना नुकसान हुआ?
यह साइबरट्रक एवी बेन हामो नामक एक यहूदी व्यक्ति का था। हालांकि वाहन को शारीरिक नुकसान नहीं हुआ, लेकिन इस घटना ने उसे मानसिक रूप से आहत किया।
4. आरोपी कौन है और उसे क्या सजा मिल सकती है?
आरोपी 42 वर्षीय माइकल लुईस है, जिस पर पहले भी गंभीर उत्पीड़न के आरोप हैं। कानून के तहत उस पर घृणास्पद अपराध (hate crime) का मामला दर्ज किया जा सकता है।
5. क्या हिंदू धर्म में स्वास्तिक चिन्ह का कोई नकारात्मक अर्थ है?
नहीं, हिंदू धर्म, बौद्ध धर्म और जैन धर्म में स्वास्तिक को शुभ, सौभाग्य और सकारात्मकता का प्रतीक माना जाता है। यह धर्मों में हजारों सालों से उपयोग किया जा रहा है।